
ललितपुर. रमजान के पवित्र माह में जनपद ललितपुर में हाजी अब्दुल आलीम नाम के मुस्लिम युवक ने फांसी लगा ली। वे मानसिक रूप से प्रताड़ित थे और मुस्लिम समाज के ही लोगों से कई सालों से उनका विवाद था। अब्दुल आलीम की मौत की खबर सुनकर कई मुसलमानों की भीड़ मस्जिद के बाहर खड़ी हो गई। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कई सालों से थे मानसिक रूप से प्रताड़ित
अब्दुल आलीम के बेटे अब्दुल मुयीन और अब्दुल रकीम का कहना है कि उन्हीं के समुदाय के कुछ लोगों ने उनके पिता को लगातार कई वर्षों से परेशान किया था। उन पर कई तरह के झूठे मुकदमे चलाए गए। उनका मकान नहीं बनने दिया। लगातार तरह-तरह के नोटिसों और कानूनी पचडों में डालकर उन्हें इतनी मानसिक बेदना दी जा रही थी कि वह हर समय परेशान रहते थे। उनके बेटों ने बताया कि मृत्यु से 2-3 दिन पहले ही एक नोटिस आया था जिससे वह काफी परेशान थे।
कई वर्षों से था विवाद
शहर की सदन शाह के उर्स कमेटी और तथाकथित कुछ अन्य मुसलिम समाज के ही लोगो में आपस में ही अनेक वर्षों से विवाद चल रहा है। परिजनों की मानें तो उसी विवाद के चलते कानूनी नोटिसों से और निजी तौर पर परिवारिक परेशानियां पैदा करने के कारण जिला पेशईमाम ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।