
ललितपुर. महरौनी विकासखंड में स्थित नवागढ़ में संस्कृति मंत्रालय लखनऊ से आई टीम ने राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा संरक्षण अनुसंधान शाला का आयोजन किया। यहां नवागढ़ में उक्त टीम द्वारा 7 दिसंबर से अनुसंधान, अन्वेषण और संरक्षण का कार्य चल रहा था जिसका समापन बुधवार 19 दिसंबर को हुआ।
नए एतिहासित तथ्य आएंगे सामने
एनआरएलसी लखनऊ के दल ने बताया कि जैसे-जैसे यहां अनुसंधान और अन्वेषण होता जाएगा वैसे-वैसे नए ऐतिहासिक तथ्य मिलते जाएंगे। एनआरएलसी लखनऊ के महानिदेशक डॉ. बीवी खरवड़े के निर्देशन में प्रमोद कुमार पांडे के नेतृत्व में नवागढ़ में विशेष पुरा संपदा का रासायनिक संरक्षण का कार्य संपादित हो रहा है। जिसके बारे में उन्होंने कहा कि नवागढ़ में पुरा संपदा का अकूत खजाना है, यहां सभी प्रकार के अवशेष बहुतायत में मिलते हैं। यहां कार्य करने के लिए समिति ने सभी प्रकार की रासायनिक प्रक्रिया का ध्यान रखा है। यहां के कार्यकर्ताओं की जैन संस्कृति और इतिहास में विशेष रुचि है। यही कारण है कि दूसरी बार एनआरएलसी की टीम यहां कार्य करने के लिए आई है। इस प्रोजेक्ट में ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत का विशेष योगदान है।