Patrika Positive News. नन्हें दक्ष ने अपनी गुल्लक तोड़ कर उससे निकले कुल 2842 रुपये मुक्ति संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए दान दे दिए।
ललितपुर. Patrika Positive News. कहते हैं ना कि बच्चों का दिल सबसे साफ होता है, लेकिन ललितपुर के दक्ष का दिल न सिर्फ साफ है बल्कि वह मददगार भी है। महज तीन साल की उम्र, लेकिन जज्बा ऐसा कि बड़े भी हैरान हैंए। नन्हें दक्ष ने अपनी गुल्लक तोड़ कर उससे निकले कुल 2842 रुपये मुक्ति संस्था को जरूरतमंदों की सहायता के लिए दान दे दिए। कोरोना संक्रमण जैसी आपदा में जहां अब भी कुछ लोग लाभ के अवसर तलाश रहे हैं, मरीजों और उनके तीमारदारों को लूट रहे हैं, वहां दक्ष जैसे नौनिहाल मिसाल बन रहे हैं।
शहर के निवासी प्रिंस नामदेव अर्चित हॉस्पिटल में कार्यरत आजादपुरा ललितपुर निवासी ओम नामदेव के सुपुत्र हैं और वर्तमान में नोएडा की एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में सीनियर कंसल्टेंट हैं। नोएडा में वह अपनी अधिवक्ता पत्नी कीर्ति के साथ रहते हैं। यह दंपत्ति पिछले कुछ दिनों से मुक्ति संस्था के कार्यों को फेसबुक के माध्यम से जान रहे थे और तब से ही संस्था का ऑनलाइन फाइनेंसियल सपोर्ट करते आ रहे हैं।
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खुशी-खुशी दिया दान-
आज उनके पुत्र दक्ष ने भी अपने दादा जी और पिता से मिले संस्कारों का अनुसरण किया और अपनी गुल्लक को खुशी खुशी तोड़ कर उसमें से निकले कुल 2842 रुपये की जमा पूँजी मुक्ति संस्था को प्रेषित कर दी। इस उम्र में बच्चों की जान और उनकी सबसे बड़ी जायदाद गुल्लक ही होती है, लेकिन दक्ष ने उसमें रखें रुपयों को अपनी मां से मुक्ति संस्था को दाने देने को कहा। जिस किसी ने भी दक्ष के ये भाव देखे, वह उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे। ऐसे बच्चे ही समाज के निर्माता हैं।