हिन्दू धर्म और शास्त्रों का मानना है कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है पर माता कभी कुमाता नहीं हो सकती।
ललितपुर. हिन्दू धर्म और शास्त्रों का मानना है कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है पर माता कभी कुमाता नहीं हो सकती। यह सूक्ति उस लड़के ने साबित कर दी जिसने मात्र शराब के लिए और पैसे न दैने पर अपनी मां को इतनी बेरहमी से पीटा और की इलाज के दौरान चिकित्सालय में उसकी मौत हो गई।
यह है पूरा मामला-
घटना ललितपुर की तहसील महरौनी के थाना सोजना के गांव उल्दना कला की है जहां शराबी बेटे जयपाल पुत्र पूरन राजपूत ने अपनी मां कुवर बाई को 25 मार्च 2018 को मात्र इसलिए मार मारकर अधमरा कर दिया क्योंकि मां कुवर बाई ने उसे शराब पीने के लिए और पैसे नहीं दिये थे।
मां को घायल अवस्था में बड़ा बेटा भगवतसिंह राजपूत इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले गया। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां उसका इलाज चलता रहा। उसके बाद उसकी बेटी ने मेडिकल कॉलेज से अपनी मां को निकाल कर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी उसका इलाज चल रहा था, मगर हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। लगभग एक महीने के इलाज के बाद भी कुबर बाई को बचाया नहीं जा सका और 18 अप्रेल 2018 को उसकी अस्पताल में मृत्यु हो गई । पुत्र भगवत सिंह राजपूत की तहरीर पर थाना सोजना में जयपाल पुत्र पूरन राजपूत पर धारा 304 में मामला पंजीकृत कर लिया गया है और विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं मृतका के बड़े बेटे भगत सिंह का कहना है कि हमारा भाई शराबी था और वह शराब पीकर गांव में उत्पात मचाता रहता था, जिसके लिए हमारी मां हमेशा मना करती रही। मगर उसने किसी की एक नहीं सुनी और एक दिन जब वह शराब के नशे में घर आया तो मां से और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। मां ने जब मना किया तो उसने पास में पड़ा एक पत्थर उठाकर मां को दे मारा, जिससे मां गंभीर रुप में घायल हो गई। उनका हमने इलाज कराया मगर अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता ने बताया कि एक मामला संज्ञान आया है, जहां एक शराबी बेटे ने अपनी माँ को नशे के दौरान पत्थर मार कर घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत अस्पताल में हो गई। दूसरे बेटे की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी कर ली गई है।