सास बहू सहित तीन क्विंटल गांजा बरामद व एक अदद चीतल की खाल बरामद
ललितपुर. जनपद में गांजे की खेती धड़ल्ले से की जा रही है गांजे की खेती में लिप्त अपराधियों को ना तो कानून का खौफ है और ना ही उनके जिह्न में कानून का डर दिखाई देता है। जनपद में ऐसे कई स्थान है जहां पर पुलिस ने गांजा की खेती पकड़ी है। मगर यहां पुलिस को एक खाल तस्करी भी हाथ लगी है। हाल ही में ताजा मामला जनपद के थाना नाराहट के गांव डोगरा खुर्द में सामने आया है नाराहट पुलिस को मिली बहुत बड़ी सफलता जब पुलिस ने इंस्पेक्टर महेश चंद्र गौतम के नेतृत्व में लगभग आधा एकड़ में हो रही गांजे की खेती को पकड़ा।
पुलिस ने गांजे की फसल मौके से कटवाए तो वह लगभग 3 कुंटल निकली । अभी तक की यह सबसे बड़ी बरामदगी बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया व दो अभियुक्त मौके से फरार हो गए। पकड़ी गईं महिलाएं बरखेड़ा वाली और चंदा आपस में सास बहू है और जब उनसे पूछताछ की गई तो इनके घर से एक चीतल जंगली जानवर की खाल बरामद हुई है। जिससे जंगली जानवरों की खालों की तस्करी का भी खुलासा हुआ है। साथ ही दोनों बाप बेटे मिट्ठू और नंदू कुशवाहा मौके से हुए फरार।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है गांजे की खेती
जनपद में कई जगहों पर गांजे की खेती पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके है । जिनमें कोतवाली महरौनी थाना सौजना और थाना नाराहट प्रमुख है अभी कुछ महीनों पहले थाना नाराहट के डोंगरा कला गांव में भी गांजे की खेती पकड़ी गई थी। जिसमें लगभग 1 कुंटल हरा गांजा बरामद हुआ था। जिसमें गिरफ्तारी भी हुई थी और थाना सौजना में भी थाने के पास ही थाने का चौकीदार गांजे की खेती कर रहा था और उक्त गांजे को थाना सौजना पुलिस ने बरामद भी किया था। कोतवाली महरौनी के ग्राम लरगन में भी गांजे की खेती के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई थी। इस प्रकार जनपद में गांजे की खेती से इनकार नहीं किया जा सकता है। सूचना मिलने पर पुलिस अपनी कार्रवाई जरूर करती है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल का कहना है कि थाना नाराहट के ग्राम डोंगरा खुर्द से पुलिस ने 3 कुंटल गांजा बरामद कर दो महिलाओं की गिरफ्तारी की है और दो फरार व्यक्तियों की सरगर्मी से पुलिस तलाश कर रही है। इनके घर से एक जंगली जानवर चीतल की खाल की भी बरामदगी हुई है जिससे जानवरों की खालों की तस्करी भी सामने आई है । इस मामले में 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की गई तथा वन विभाग की वन्य जीव संरक्षण अधिनियम धारा 51 के तहत भी कार्यवाही की गई ।