विरोध करने पर गाली गलोच कर मारपीट करने का भी आरोप
ललितपुर. जहां एक और प्रदेश सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को मित्रवत बनने की सलाह दे रही है तो वहीं दूसरी ओर जब पीड़ित पुलिस के पास जाता है तो कभी-कभी पुलिस उसकी सुनवाई नहीं करती, जिससे उसे न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण लेकर मामला दर्ज करवाना पड़ता है । इसी तरह जनपद पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर छह मामले दर्ज की है ।
थाना बार के अंतर्गत ग्राम धोबनखेड़ी निवासी एक महिला ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि 15 सितम्बर 2017 को उसी गांव के दबंग रामसहाय कालीचरण प्रकाश पुत्रगण चिमन आदि ने एक राय होकर गांव से बाहर उसके खेत में बने मकान में जबरन घुस गए और घर में घुसकर गाली गलौच कर छेड़छाड़ करने लगे ।
जब महिला ने उनकी इस छेड़छाड़ गाली-गलौज का विरोध किया तो सभी ने एक राय होकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और उसके बाद उन्होंने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी और किसी के आगे मुंह खोलने से मना किया । जब यह शिकायत लेकर वह पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने उसकी एक न सुनी और फटाफट कर उसे वहां से चलता कर दिया ।
उसके बाद उसने आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीकृत करवाने के लिए न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को संज्ञान में लेकर थाना बार पुलिस को 376डी 452 354 323 504 506 धाराओं में मामला पंजीकृत करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
इस मामले की जांच स्वयं थाना अध्यक्ष रामसहाय सिंह कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित महिला को न्याय मिलेगा जांच चल रही है यदि महिला के साथ वास्तविकता में ऐसी कोई हरकत हुई है तो जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।