वोडाफोन-आइडिया ने अपनी रणनीति में बदलाव किया जिसका साफ असर उनके बैलेंस शीट पर देखने को मिल रहा है। इस दौरान एयरटेल को 23,045 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
नई दिल्ली। टेलिकॉम सेक्टर ( Telecom Sector ) की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनियां बाजार की प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए ग्राहकों को सस्ते से सस्ता प्लान मुहैया करा रही हैं। खासकर रिलायंस जियो ( Reliance Jio ) के आने के बाद से बाजार में दूसरी टेलिकॉम कंपनियों का बना रहा काफी चुनौती भरा हो गया है। जियो से निपटने के लिए देश की दो बड़ी टेलिकॉम कंपनियां एयरटेल (Airtel ) और वोडाफोन-आइडिया ने अपनी रणनीति में बदलाव किया जिसका साफ असर उनके बैलेंस शीट पर देखने को मिल रहा है।
एक तिमाही में हुआ 74000 करोड़ का नुकसान
एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया को इस तिमाही में कुल 74000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जो कारोबारी जगत में अबतक का सबसे बड़ा नुकसान है। इस दौरान एयरटेल 23,045 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जबकि वोडाफोन-आइडिया को 50,913 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
कार्पोरेट जगत का सबसे बड़ा घाटा
कंपनियों के एक तिमाही के नुकसान की बात करें तो वोडाफोन-आइडिया का यह घाटा कारोबारी जगत में अबतक का सबसे बड़ा घाटा है। इससे पहले टाटा मोटर्स को दिसबंर 2018 में करीब 26,992 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वहीं रिलायंस कम्युनिकेशन, टाटा स्टील, भूषण स्टील, इंडियन ऑयल जैसी कंपनियां भी एक तिमाही में मोटा नुकसान झेल चुकी है। लेकिन वोडाफोन-आइडिया का घाटा अबतक का सबसे बड़ा घाटा है।
जियो ने बढ़ाई मुसीबत
रिलायंस जियो के बाजार में दस्तक देने के कुछ दिन बाद से ही टेलिकॉम सेक्टर में हलचल मचनी शुरु हो गई थी। जिसकी वजह से कई छोटी टेलिकॉम कंपनियों को या तो बंद होना पड़ा या अपने कारोबार का विस्तार रोकना पड़ा। लेकिन अब इसकी मार बड़ी कंपनियों पर भी साफ देखी जा रही है।
तीन बड़ी कंपनियों के पास कितने ग्राहक
रिलायंस जियो न केवल फ्रॉफिट और रेवन्यू में बाकी कंपनियों से आगे है। बल्कि एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के मुकाबले इनके ग्राहकों का संख्या भी ज्यादा है। रिलायंस जियो के पास कुल 34.82 करोड़ ग्राहक हैं। जबकि एयरटेल के पास 27.94 करोड़ ग्राहक हैं, वहीं वोडाफोन-आइडिया की बात करें तो इनके पास करीब 31.11 करोड़ ग्राहक मौजूद हैं।