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कर्ज चुकाने के लिए पुराने प्लान को एनसीएलटी के सामने रखेंगे अनिल अंबानी

रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास भी वही कर्ज समाधान योजना का प्रस्ताव रखेगी जो इससे पहले एनसीएलटी के बाहर रखा गया था। यह जानकारी रविवार को कंपनी ने दी।
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Feb 04, 2019
Anil ambani
कर्ज चुकाने के लिए पुराने प्लान को एसीएलटी के सामने रखेंगे अनिल अंबानी

नर्इ दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास भी वही कर्ज समाधान योजना का प्रस्ताव रखेगी जो इससे पहले एनसीएलटी के बाहर रखा गया था। यह जानकारी रविवार को कंपनी ने दी। आरकॉम ने इसी सप्ताह कहा कि उसके निदेशक मंडल ने एनसीएलटी की मुंबई पीठ के माध्यम से कर्ज समाधान पर अमल करने का फैसला लिया है।

यह है समाधान योजना
कंपनी ने एक बयान में कहा, " सभी टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्ति और स्पेक्ट्रम, जीसीएक्स, आईडीसी और इंडियन इंटरप्राइज बिजनेस स्ट्रेटजिक मॉनिटाइजेशन, धीरुभाई अंबानी नॉलेज सिटी कॉमप्लेक्स में तीन करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास, और अन्य रियल स्टेट परिसंपत्ति की बिक्री समेत कर्ज समाधान योजना के मुख्य तत्व अपरिवर्तित हैं।"

एनसीएलटी में हो सकता है समाधान
आरकॉम ने कहा, "कंपनी को विभिन्न मसलों ज्यादातर दूरसंचार विभाग द्वारा उठाए गए अपुष्ट मसलों का सामना करना पड़ा है। अन्य विषयों के साथ-साथ इन मसलों के चलते उच्च न्यायालयों, टीडीएसएटी (दूरसंचार विवाद समाधान अपील अधिकरण) और सर्वोच्च न्यायालय में बहुत सारे विवाद पहुंचे, जिससे मौजूदा योजना विफल रही और अब इसका समाधान एनसीएलटी की प्रकिया के तहत हो सकती है।"

आरकाॅम को उम्मीद
एनसीएलटी के जरिए 2019 में जल्द समाधान की उम्मीद करते हुए आरकॉम ने कहा कि थोड़े ऋणदाताओं द्वारा दी गई अनुचित चुनौतियों पर अब एनसीएलटी के 66 फीसदी के बहुमत की व्यवस्था से जीत हासिल की जा सकती है। कंपनी ने कहा, "आरकॉम बोर्ड एनसीएलटी की समाधान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी वोट के अधिकार के बगैर करेगा।"

आरकाॅम के 40 ऋणदाता
कंपनी ने कहा, "बोर्ड को क्रेडिटर की समिति, समाधान पेशेवरों और एनसीएलटी से सभी हितधारकों के पक्ष में मजबूत समर्थन और आवश्यक मंजूरी की भी उम्मीद है।" कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि इसके सभी 40 ऋणदाताओं की 100 फीसदी मंजूरी संभव नहीं हो सकी और सभी हितधारकों के बेहतर हितों में इसके बोर्ड की राय है कि एनसीएलटी के माध्यम से समाधान होगा।

Updated on:
04 Feb 2019 08:13 am
Published on:
04 Feb 2019 07:51 am