कॉर्पोरेट वर्ल्ड

अनिल अंबानी ने तोड़ दिया धीरूभार्इ अंबानी का सपना! 40 हजार करोड़ डूबाने के बाद अब करने जा रहे ये कारोबार

रिलायंस कम्युनिकेशंस के मालिक अनिल अंबानी ने आज कंपनी की 14वीं वार्षिक बैठक में घोषणा कि आरकाॅम अपने दूरसंचार कारोबार को पूरी तरह से छोड़कर अपना पूरा ध्यान रियल एस्टेट पर देगी।

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Dhirubhai, anil and mukesh ambani
अनिल अंबानी ने तोड़ दिया धीरूभार्इ अंबानी का सपना! 40 हजार करोड़ डूबाने के बाद अब करने जा रहे ये कारोबार

नर्इ दिल्ली। भारी कर्ज के बोझ अौर गहरे संकट से जूझ रहे रिलायंस कम्युनिकेशंस के मालिक अनिल अंबानी ने आज एक बड़ी घोषणा की है। अनिल अंबानी ने आज कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस अपने दूरसंचार कारोबार को पूरी तरह से छोड़ देगी। कंपनी ने फैसला लिया है कि वो केवल रियल एस्टेट कारोबार पर ही पूरा ध्यान देगी। आज 14वीं वार्षिक आम बैठक में अनिल अंबानी ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आरकाॅम की पहली प्राथमिकता उसके 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज संकट का समाधान करना है।


आरकाॅम को दिखी रियल्टी कारोबार में संभावनाएं
अंबानी ने कहा कि, "हमने तय किया है कि इस क्षेत्र में हम आैर आगे नहीं बढ़ेंगे। कर्इ अन्य कंपनियों ने भी इसी तरह का फैसला किया है। यह भविष्य की तस्वीर है जो साफ दिखार्इ दे रही है।" अंबानी ने आगे कहा "जैसे जैसे हम मोबाइल क्षेत्र से बाहर निकलेंगे, हम अपने एंटरप्राइज बिजनेस का उचित समय पर मौद्रिकरण करेंगे। रिलायंस रियल्टी का भविष्य में वृद्धि की योजना है।" मुंबर्इ के बाहरी इलाके में 133 एकड़ में फैले धीरूभार्इ अंबानी नाॅलेज सिटी के बारे में अनिल अंबानी ने कहा कि इस क्षेत्र में रियल्टी कारोबार के लिए काफी संभावनाएं हैं। कभी इस क्षेत्र में आरकाॅम का हेडक्वार्टर हुआ करता था। उन्होंने इसके लिए 25 करोड़ रुपये का मूल्य आंका है।


मदद के लिए बड़े भार्इ काे कहा- शुक्रिया
गौरतलब है कि फिलहाल रिलायंस कम्युनिकेशंस पर 40,000 करोड़ रुपये का बोझ है। कंपनी पर चीनी बैंक सहित कुल 38 बैंकों से कर्ज का बोझ है। हालांकि कंपनी रणनीति कर्ज पुनर्गठपन प्रक्रिया के तहत इसके समाधान में लगी है। अनिल अंबानी ने कहा कि कंपनी टेलिकाॅम डिपार्टमेंट से स्पेक्ट्रम साझेदारी आैर व्यापार के लिए प्रतिक्षा में है। अपने संबोधन में अनिल अंबानी ने अपने बड़े भार्इ मुकेश अंबानी का भी धन्यवाद किया। हाल ही में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ने आरकाॅम की संपत्तियों में मौद्रीकरण प्रयासों में मदद की थी। बता दें कि साल 2000 में कंपनी ने दूरसंचार में क्षेत्र में सस्ती पेशकश के साथ देश के आम लोगों तक दूरसंचार सेवा को पहुंचाने का काम किया था। मंगलवार को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान आरकाॅम के शेयर 6 फीसदी गिरकर 16.10 रुपये पर पहुंच गया।

Updated on:
18 Sept 2018 05:49 pm
Published on:
18 Sept 2018 05:25 pm