
नई दिल्ली। सफल बनने के लिए असफलता का सामना तो करना ही पड़ता है। लेकिन जो इन विफलताआें से हार नहीं मानकर आगे बढ़ता जाता है वही सफल बन पाता हैं। ऐसा ही कुछ राजस्थान के अंशुमन ने कर दिखाया है। आज के पैकेजिंग व ब्रैंडिंग के दौर में अंशुमन के पास कुछ एेसा आइडिया आया जिसे उन्हें बेहद ही कम समय में लखपति बनने का मौका मिला। दरअसल, अंशुमन को ने इस बात पर खासा ध्यान दिया था कि भारत में निर्यात होने वाले सामानों की पैकेजिंग की वजह से कर्इ व्यापार को भारी घाटा होता है। इसी से उन्हें खुद की पैकेजिंग कंपनी खोलकर लाखों कमार्इ करने का मौका मिला। आइए जानते हैं कि अुशमन ने आखिर कैसे महज ढार्इ लाख के खर्च से 12 लाख की कमार्इ करते हैं।
ढाई लाख लगाकर शुरू की पैकेजिंग कंपनी
अंशुमन अपनी कंपनी शुरू करने से पहले जयपुर में पैकजिंग परामर्शदाता के रूप में काम कर रहे थे। फिर एक दिन उन्होंने अपनी खुद की कंपनी खोलने का मन बनाया फिर उन्होंने 2014 में अपनी खुद की पैकेजिंग कंसल्टेंसी फर्म माइंडबॉक्स पैकेजिंग सॉल्यूशंस की शुरूआत की है। अंशुमन ने 2.5 लाख रुपए के प्रारंभिक निवेश के साथ अपनी खुद की पैकेजिंग परामर्श फर्म की स्थापना की। उनकी कंपनी का टर्नओवर अब करीब 12 लाख रुपए तक पहुंच चुका है और उन्होंने चार वर्ष के दौरान करीब 40 से भी ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। वर्तमान में अंशुमन राजस्थान की बेहद मशहूर लक्ष्मी मिष्ठान भंडार के लिये पैकेजिंग विकसित करने के काम में जुटे हुए हैं।
मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए पैकेजिंग बेहद अहम
अंशुमन के मुताबिक किसी भी उत्पाद की मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए पैकेजिंग बेहद अहम है। क्योंकि कंपनियां प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए पैकेजिंग पर बहुत अधिक ध्यान दती है और निवेश करती है। साथ ही पैकेजिंग में भारत का निर्यात अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसलिए ही अंशुमन ने पैकेजिंग का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया है। अंशुमन का यह भी मानना है कि पैकेजिंग के क्षेत्र में बहुत अधिक संभानाएं है। अगर लोग कोशिश करें तो वो इस बिजनेस में सफल बन सकते हैं।