एप्पल के सीईओ टिम कुक ने जब से अपना पद संभाला है तब से ही वो किसी ना किसी बात को लेकर सुर्खियों में बने ही रहते हैं।
नई दिल्ली। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने जब से अपना पद संभाला है तब से ही वो किसी ना किसी बात को लेकर सुर्खियों में बने ही रहते हैं। एक बार फिर टिम कुक सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार टिम का सुर्खियों में आने का कारण बायसेक्सुअल लोग हैं। टिम ने बायसेक्सुअल के लोगों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया हैं। जिसके कारण वो मीडिया में छाये हुए हैं। आईये जानते है आखिर एप्पल के सीईओ ने बायसेक्सुअल के लोगों के बारे में क्या कहा।
टिम है पहले समलैंगिक सीईओ
टिम कुक ने 2011 में कंपनी के सीईओ का कार्यभार संभाला था। टिम अमेरिका के पहले समलैंगिक सीईओ बने। टिम ने 350 डॉलर की टर्नओवर वाली कंपनी को इस साल एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच दिया। टिम लवलाउड महोत्सव पर गए हुए थे। वहां पर 30,000 से ज्यादा लोगों को संबोधित करते हुए टिम इमोशनल हो गए। टिम ने इमोशनल होते हुए कहा की आप लोग दुनिया के लिए एक उपहार।
अपनी पहचान के लिए संघर्ष ना करे
टिम आगे कहते है आज मैं यहां पर आपके अंकल,सीईओ,लवर और एक समलैंगिक प्रमुख के रुप में खड़ा हूं। आज मैं आपको ये बताना चाहता हूं की मेरा दिल टुट जाता है जब मैं किसी बच्चें को समाज या परिवार में अपनी पहचान के लिए संघर्ष करते हुए देखता हूं। वो लोग उसे स्वीकार नहीं करते है,जो किसी और के बारे में सोचता है वह सामान्य है। ऐसे लोगों के लिए अपनी पहचान के लिए संघर्ष करना सही नहीं हैं।
टिम ने कहा आप एक अनमोल उपहार
टिम ने बायसेक्सुअल लोगों से कहा आज मै आपको एक सीधी और साधारण बात बता रहा हूं की आप दुनिया के लिए एक अनमोल उपहार हैं। क्योंकि आपने सच्चाई को अपनाया हैं। आप सच्चाई के साथ जीते हैं। आप अपनी सच्चाई बोलते हैं। मुझे आप पर गर्व हैं। हम सभी एक जैसे नहीं हो सकते हैं। ना ही हम लोग कभी एक जैसा सोच सकते हैं। सभी की सोच एक दूसरे से अगल होती हैं। जरूरी नहीं है की जिंदगी में हमेशा अच्छा ही वक्त आए हमे कभी-कभी बुरा वक्त भी देखना पड़ता हैं।
बदलने की जरूरत नहीं
एप्पल के सीईओ ने ऑस्ट्रेलिया में समान-सेक्स विवाह और बायसेक्सुअल को लेकर अपनी बात कहने के लिए इस मंच को चूना। टिम ने कहा आप जैसे है बहुत अच्छे हैं आपको किसी के लिए बदलने की जरूरत नहीं हैं। फिर चाहे वो आपका रंग हो व्यवाहर हो आपको खुद से प्यार करना चाहिए। लोग कुछ भी बोले पर हमेशा याद रखें जीवन में अंधेरा भारी हो सकता है कभी-कभी यह अनुचित और असहनीय भी लग सकता है। लेकिन जैसे ही रात बदल बीत जाती है पता है प्रकाश आ जाता हैं। अंधेरा हमेशा प्रकाश के बाद होता है।