
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का पेटीएम फस्र्ट गेम्स का ब्रांड एंबेस्डर बनने बाद शुरू हुआ विरोध अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब अब एक देश के स्टार खिलाड़ी का चीनी कंपनी के साथ जुड़े का मामला सामने आ गया है। इस बार देश को दूसरी बार वल्र्ड कप दिलाने वाले और देश के सबसे सफल क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम सामने आया है। इंडियन प्रीमियर लीग ( Indian Premier League 2020 ) में चेन्नई सुपर किंग्स ( Chennai Super Kings ) के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni )ने चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो के BeTheInfinite कैंपेन के जुड़ गए हैं। आपको बता दें कि मौजूदा समय में देश में चीनी विरोधी माहौल चल रहा है। देश के प्रत्येक सिलेब्रिटी और संस्थाओं से अपील की जा रही है कि वो चीनी सामान को प्रमोट ना करें।
ओप्पो के कैंपेन से जुड़े धोनी
देश ही नहीं दुनिया के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने महेंद्र सिंह धोनी ओप्पो के BeTheInfinite कैपेंन के तहत उन युवाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे जो अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहते हैं। कंपनी के अनुसार इस कैंपेन के माध्यम से लोगों में ज्यादा से ज्यादा कुछ कर गुजरने का जुनून पैदा करना है ताकि वो सब हासिल कर सकें जो वो करना चाहते हैं। कंपनी का कहना है एमएस धोनी देश के करोड़ों युवाओं के रोल मॉडल हैं। उन्होंने अपने जीवन संघर्ष से दिखाया है कि अगर आपमें दृढ़ इच्छाशक्ति और कुछ कर गुजरने की चाहत है तो आप कोई भी मुकाम हासिल सकते हैं। ओप्पो भारत में ऐसे लोगों तक लिए उनके साथ सहयोग कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट में आए बयान के अनुसार धोनी ने कहा कि मैं एक परियोजना का हिस्सा बनने के लिए काफी उत्साहित हूं जिसका उद्देश्य लोगों को अपनी सीमाओं को धक्का देने और उनके जुनून का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।
भारत में शुरू हो सकता है सचिन की तरह विरोध
जहां एक ओर महेंद्र सिंह धोनी चीनी कंपनी के साथ मिलकर युवाओं को उनके सपने पूरा करने की ओर आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर देश में चीनी कोलैबरेशन के लिए उनका विरोध भी हो सकता हैै। गलवान मुठभेड़ के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी तल्ख हो गए हैं। यहां तक देश के लोगों ने क्रिकेट भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर तक को नहीं छोड़ा है। सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में पेटीएम फस्र्ट गेम्स का ब्रांड एंबेस्डर बनना स्वीकार किया है। जिसके बाद व्यापारिक संगठन कैट की ओर से विरोध शुरू हो गया है। कैट का कहना है कि पेटीएम चीनी कंपनी की फंडिंग पर संचालित है। ऐसे में सचिन को इस कंपनी के साथ नहीं जुडऩा चाहिए।