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कांग्रेस घोषणापत्र: आम लोगों के साथ कारोबारियों को बड़ा तोहफा, तीन साल तक कारोबार करने के लिए किसी अनुमति की जरुरत नहीं

10 लाख लोगों को ग्राम पंचायतों में रोजगार देने का वादा। मनरेगा में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का वादा। किसानों के लिए अलग से बजट जारी करने का वादा
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Apr 02, 2019
Rahul gandhi
कांग्रेस घोषणापत्र: आम लोगों के साथ कारोबारियों को बड़ा तोहफा, तीन साल तक कारोबार करने के लिए किसी अनुमति की जरुरत नहीं

नई दिल्ली। कांग्रेस की ओर से अपना घोषणापत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें देश के जवानों, किसानों और नौजवानों के लिए कुछ है। वहीं कांग्रेस ने देश के छोटे कारोबारियों या यूं कहें कि अपना खुद का कारोबार शुरू करने वाले लोगों को भी राहत देने का प्रयास किया है। घोषणा पत्र के अनुसार अपना कारोबार शुरू करने के लिए किसी कारोबारी को शुरूआती तीन सालों के लिए किसी से भी अनुमति लेने की जरुरत नहीं है। मौजूदा समय में किसी भी कंपनी को शुरू करने के लिए काफी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर कांग्रेस की ओर से किस तरह की घोषणाएं की हैं।

नहीं लेनी होगी किसी की परमीशन
कांग्रेस के घोषणा पत्र के अनुसार अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो छोटे और मध्यम स्तरीय उद्यमियों को नियामक राहत देने की घोषणा की है। इसके अनुसार एक अप्रैल 2019 या स्थापना तारीख से 3 साल की अवधि तक सभी सूक्षम और लघु उद्यमों के लिए लागू कानूनों में छूट दी जाएगी। इसका मतलब ये हुआ कि जब तक उद्यम स्थिर और सद्म नहीं हो जाता है तब तक नियमों और राहत ये पूर्ण मुक्ति मिलेगी।

अभी इन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है
- मौजूदा समय में कोई दुकान या सर्विस सेंटर खोलने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी है।
- आपको कारोबार शुरू करने से सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन कराना होता है।
- जिस राज्य में आप कारोबार कर रहे हैं उस राज्य में वैट रजिस्ट्रेशन भी जरूरी होता है।
- अगर आप जिम, मसाज सेंटर, बैंक्वेट हॉल चलाते हैं या खोलने की सोच रहे हैं तो आपको लग्जरी टैक्स रजिस्ट्रेशन भी कराना जरूरी है।
- इनके अलावा और भी कई तरह के नियम और कायदें हैं जिन्हें फॉलो करना काफी जरूरी है।

ये भी की घोषणा
- गरीब तबके के 20 फीसदी लोगों के खातों में सालाना 72,000 रुपए ये डाले जाएंगे।
- 22 लाख सरकारी नौकरियों का वादा।
- 10 लाख लोगों को ग्राम पंचायतों में रोजगार देने का वादा।
- मनरेगा में काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का वादा।
- किसानों के लिए अलग से बजट जारी करने का वादा
- किसानों का कर्ज न चुका पाना अपराध के दायरे से बाहर करने का वादा।
- जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने का वादा।
- यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, आईआईएम समेत टॉप संस्थानों तक गरीबों की पहुंच को आसान करने का वादा।

Published on:
02 Apr 2019 02:19 pm