नई कंपनियां खोलने के लिए सरकार इस समय कई प्रकार की राहत दे रही है।
नई दिल्ली। यदि आप अपनी कंपनी खोलने के बारे में सोच रहे हैं तो यह सही समय हैं। नई कंपनियां खोलने के लिए सरकार इस समय कई प्रकार की राहत दे रही है। अब सरकार ने कंपनी खोलने के लिए जरूरी स्थायी खाता संख्या (पैन) और संग्रह खाता संख्या ( टैन) लेने की प्रक्रिया बेहद आसान कर दी है। सरकार ने शनिवार को कहा कि आयकर (आईटी) अधिनियम, 1961 की धारा 139ए के अंतर्गत कॉरपोरेट के लिए पैन कार्ड प्राप्त करने के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। सरकार ने कहा है कि किसी कंपनी के मामले में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) की ओर से जारी आवेदन के निगमन (सीओआई) को स्थायी खाता संख्या (पैन) के आवंटन और कर कटौती और संग्रह खाता संख्या (टैन) के आवंटन के लिए पर्याप्त माना जाएगा।
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 139ए में किया बदलाव
मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वित्त अधिनियम, 2018 में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139ए में संशोधन किया गया, जिसमें परतदार कार्ड के रूप में पैन जारी करने की आवश्यकता को हटा दिया गया था। इसलिए, यह स्पष्ट कर दिया गया है कि एमसीए की ओर से जारी सीओआई में उल्लिखित पैन और टैन को भी कंपनी के निर्धारिती पैन और टैन के पर्याप्त प्रमाण के रूप में माना जाएगा।
सर्टिफिकेट ऑफ इनकार्पोरेशन में होता है पैन-टैन का उल्लेख
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया है कि किसी भी कंपनी के मामले में, आवेदन के निगमन, स्थायी खाता संख्या (पैन) का आवंटन और कर कटौती और संग्रह खाता संख्या (टैन) का आवंटन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) को एक सामान्य आवेदन प्रपत्र के माध्यम से एक ही साथ किया जा सकता है। बयान में कहा गया है कि इन मामलों में एमसीए की ओर से जारी किए गए सर्टिफिकेट ऑफ इनकार्पोरेशन (सीओआई) में दोनों पैन और टैन का उल्लेख है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी कंपनी शुरू करने से पहले पैन और टैन नंबर लेने जैसी कई प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। कारपोरेट मंत्रालय की ओर से उठाए गए इस कदम से नई कंपनी खोलने वाले कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।