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Nirav Modi के प्रत्यर्पण पर दिसंबर में होगा फैसला, London Court पर टिकी हैं निगाहें

London Court ने 7 से 11 सितंबर के बीच दूसरे चरण की सुनवाई की तारीख निर्धारित की Nirav Modi पर सबूतों के गायब करने और गवाहों को धमकी देने का भी आरोप

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Aug 28, 2020
Decision on extradition of fugitive businessman Nirav Modi in December

नई दिल्ली। भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी ( Nirav Modi ) के खिलाफ ब्रिटेन में चल रहे प्रत्यर्पण मामले में फैसला एक दिसंबर के बाद सुनाया जाएगा। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में गुरुवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजी ने मामले की सात से 11 सितंबर के बीच दूसरे चरण की सुनवाई की तारीख निर्धारित की। अगले महीने होने वाले सुनवाई के दूसरे चरण में 49 वर्षीय भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने पर बहस पूरी हो जाने की उम्मीद है। भारतीय अधिकारियों ने नीरव मोदी का प्रत्यर्पण ( Nirav Modi Extradition ) का अनुरोध किया है और इस वर्ष की शुरुआत में ब्रिटिश गृहमंत्री प्रीति पटेल ने इसे प्रमाणित किया था।

वैंड्सवर्थ जेल में बंद
नीरव मोदी पर सबूतों के गायब करने और गवाहों को धमकी देने का भी आरोप है। अदालत ने तीन नवंबर को अतिरिक्त सुनवाई भी निर्धारित की है। इसके बाद एक दिसंबर को दोनों पक्ष अपनी अंतिम दलीलें देंगे। नीरव मोदी पिछले साल मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है और वह सात सितंबर को मुकदमे की सुनवाई शुरू होने तक हिरासत में रहेगा। उनका बचाव कर रही टीम ने इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक वैंड्सवर्थ में नीरव मोदी के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी चिंता जताई है।

13 हजार करोड़ रुपए का पीएनबी घोटाला
नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को करीब 13 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। फरवरी 2018 में जब पीएनबी घोटाला देश के सामने आया था, तभी नीरव मोदी फरार हो गया। उसके बाद उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर अब तक उसकी देश में कई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। नीरव के प्रत्यर्पण के लिए भारत निरंतर प्रयास कर रहा है।

Updated on:
28 Aug 2020 10:48 am
Published on:
28 Aug 2020 10:42 am
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