देश के मसाला किंग महाशय धर्मपाल गुलाटी की मौत की खबर जो मीडिया रिपोर्ट में दिखार्इ जा रही हैं वो पूरी तरह से अफवाह साबित हो गर्इ है। कुछ देर पहले उनके जीवित होने का वीडियाे सामने आया है।
नर्इ दिल्ली। देश के जाने माने उद्योगपति आैर मसाला किंग महाशय धर्मपाल गुलाटी की मौत की खबर जो मीडिया रिपोर्ट में दिखार्इ जा रही हैं वो पूरी तरह से अफवाह साबित हो गर्इ है। कुछ देर पहले उनके जीवित होने का वीडियाे सामने आया है। जिसमें वो अपने सहयोगियों के साथ अपने कीर्ति नगर स्थित कार्यालय में मौजूद हैं। साथ ही वीडियो में इस तरह की अफवाहों से दूर रहने की सलाह भी दी गर्इ है। आपको बता दें कि शनिवार देर रात आैर रविवार सुबह से ही सोशल मीडिया आैर कुछ मीडिया संस्थानों की आेर से खबर आर्इ कि 99 वर्ष की उम्र में मसाला किंग धर्मपाल गुलाठी की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गर्इ। जबकि मीडिया रिपोर्ट में अस्पताल का नाम तक नहीं दिया गया था।
99 नहीं 95 वर्ष की उम्र के हैं मसाला किंग
मसाला किंग धर्मपाल गुलाटी की उम्र भी मीडिया रिपोर्ट में गलत बतार्इ जा रही है। कर्इ जगहों पर उनकी उम्र 99 वर्ष बतार्इ गर्इ है। जबकि उनकी उम्र 95 वर्ष है। उनका जन्म पाकिस्तान स्थित सियालकोट में 27 मार्ट 1923 को हुआ था। अपनी लाइफस्टाइल आैर रोज योगा करने के आदत की वजह से उन्होंने अपने आपको पूरी तरह से स्वस्थ रखा हुआ है। साथ ही उन्होंने अपने आपको बिजनेस आैर सामाजिक कार्यों में लगाया हुआ है।
परिजनों ने की निंदा
धर्मपाल गुलाटी के दामाद सुभाष शर्मा ने इस खबर के बाद कहा कि धर्मपाल महाशय की उम्र 96 साल है। वे पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। अफ़वाह उड़ने के बाद इस वीडियो को बनाया गया। ताकि देश के लोगों को सच्चार्इ का पता चल सके। चुन्नी लाल इनके पिताजी का नाम है जो सालों पहले गुज़र चुके हैं। किसी ने चुन्नी लाल जी के नाम के साथ धर्मपाल महाशय की तस्वीर लगा कर उनकी मौत की ख़बर चला दी। परिवार इसकी निंदा करता है।
95 की उम्र में सबसे ज्यादा सैलरी लेते हैं धर्मपाल
रिपोर्ट के अनुसार एमडीएच के मालिक आैर सीर्इआे धर्मपाल 95 वर्ष की आयु में भी सलाना 21 करोड़ रुपए की सैलरी लेते हैं। वो देश के एफएमसीजी सेक्टर के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीर्इआे भी बने हैं। उन्हें कर्इ अवाॅर्ड से भी नवाजा जा चुका है। उन्हें 2016 में एबीसीएल की आेर से इंडियन आॅफ द र्इयर के अवाॅर्ड से नवाजा जा चुका है। वहीं उन्हें 2017 में एक्सीलेंस अवाॅर्ड फोर लाइफटाइम अचीवमेंट से भी सम्मानित किया जा चुका है।
दिल्ली से शुरू हुआ एमडीएच का सफर
1959 में महाशय धर्मपाल ने दिल्ली के कीर्ति नगर में मसाला पीसने की फैक्ट्री लगाई और फर्श से अर्श का सफर शुरू हुआ गया। आज एमडीएच की देशभर में 15 फैक्ट्री हैं। उनकी कंपनी 100 देशों में मसाले एक्सपोर्ट करती है। खास बात तो यह है कि उन्होंने मात्र 5वीं कक्षा तक की पढ़ार्इ की। उनके पास कंपनी की 80 फीसदी की हिस्सेदारी है। करीब करीब 1500 करोड़ रुपए के इस साम्राज्य में 20 स्कूल आैर एक अस्पताल भी शामिल हैं।