फेसबुक के दुनिया भर में दो अरब यूजर्स हैं और क्रिप्टोकरेंसी लांच करने से उन्हें बिटकॉयन जैसी वर्चुअल करेंसी का प्रयोग कर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
नई दिल्ली। हाल में खबरें आईं थीं कि फेसबुक एक नया ब्लॉकचेन समूह बना रहा है। अब ऐसी खबर आई है कि सोशल नेटवर्किंग दिग्गज खुद की क्रिप्टोकरेंसी लांच करने की तैयारी कर रही है। प्रौद्योगिकी वेबसाइट चेड्डर के मुताबिक, फेसबुक इसे लेकर काफी गंभीर है। शुक्रवार देर रात प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि मामले से परिचित लोगों का कहना है कि सोशल नेटवर्क की एक निर्धारित मूल्य पर खरीदने के लिए सीमित संख्या में वर्चुअल टोकन की पेशकश करके एक तथाकथित प्रारंभिक सिक्का पेशकश (आईसीओ) लाने की कोई योजना नहीं है। फेसबुक के दुनिया भर में दो अरब यूजर्स हैं और क्रिप्टोकरेंसी लांच करने से उन्हें बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी का प्रयोग कर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी।
फेसबुक मैसेंजर के कार्यकारी प्रभारी ने दिया संकेत
फेसबुक मैसेंजर के कार्यकारी प्रभारी डेविड मारकौस ने एक पोस्ट में कहा है कि मैं एक छोटे समूह का गठन कर रहा हूं, ताकि ब्लॉकचेन का सर्वोत्तम लाभ उठाने का तरीका ढूंढ़ा जा सके। बाद में जारी बयान में फेसबुक में कहा कि कई अन्य कंपनियों की तरह फेसबुक भी ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी की शक्ति का लाभ उठाने के तरीकों की तलाश कर रहा है। हमारी नई छोटी टीम कई अलग-अलग अनुप्रयोगों की खोज करेगी। हमारे पास साझा करने के लिए और कुछ नहीं है।
क्या है क्रिप्टोकरंसी ?
इसके कई नाम हैं। इसे ई-मुद्रा भी कह सकते हैं। यानी यह आपके नोटों की तरह नहीं होती है, केवल कंप्यूटर पर ही दिखाई देती है सीधे आपके जेब में नहीं आती है इसलिये इसे डिजिटल करेंसी, वर्चुअल करेंसी कहते हैं। यह 2009 में लॉन्च हुई थी। इसके इस्तेमाल और भुगतान के लिए क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसे क्रिप्टो करेंसी भी कहा जाता है। दुनिया की पहली क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन है। इसको जमा करना माइनिंग कहलाता है। क्रिप्टोकरेंसी को दुनिया के किसी भी कोने में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है और किसी भी प्रकार की करेंसी में कनवर्ट किया जा सकता है जैसे डॉलर, यूरो, रुपया आदि।