1931 में कोका कोला के विज्ञापन से पहले सांता क्लाॅज के कपड़ों का रंग नीला, पीला और सफेद हुआ करता था
नर्इ दिल्ली। ना तो क्रिसमस आैर ना ही गुड फ्राइडे ना ही र्इस्टर। उसके बाद भी हम आज आपके सामने सांता क्लाॅज की बातें क्यों कर रहे हैं। इसके लिए अापको राहुल गांधी को थैंक्स बोलना चाहिए। जिन्होंने कोका कोला की बात को छेड़कर कोका कोला से जुड़ी चीजों को जानने का आैर उन्हें आपके सामने लाने का मौका दिया। क्योंकि कोका कोला आैर सांता क्लाॅज के बीच काफी गहरा रिश्ता है। एक एेसा जिसे कभी तोड़ा आैर झुठलाया नहीं जा सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी बेवरेज कंपनी कोका कोला का सांता के साथ क्या रिश्ता हो सकता है? अाइए आपको भी आज इस सच्चार्इ से रूबरू कराते हैं…
कोका कोला के लिए किया था सांता ने काम
बात अभी की नहीं बल्कि 87 साल पुरानी 1931की है। जब कोका कोला पूरी दुनिया में अपने आपको स्थापित करने के लिए जुटी थी। उसके लिए वो हर उस तरीके अपना रही थी जिससे कोका कोला को पूरी दुनिया में पहचान मिल सके आैर उसका सिक्का जम जाए। बस फिर क्या था, उन्होंने इसके लिए सांता क्लाॅज को याद किया आैर अपने विज्ञापन में सांता क्लाॅज को उतार दिया। फिर क्या था। सांता ने उस विज्ञापन में कोका कोला के लिए काम किया आैर कंपनी का यह प्रोडक्ट रातों रात दुनिया में एक पहचान गया।
कोका कोला की ही नहीं बल्कि सांता की भी बनी नर्इ पहचान
इस विज्ञापन के बाद सिर्फ कोका कोला ही नर्इ पहचान नहीं बनी, बल्कि सांता क्लाॅज का भी पूरी तरह से मेकआेवर हो गया। जी हां, आज हम सांता क्लाॅज को जिन लाल कपड़ों में देखते हैं, दुनिया को वो देन सिर्फ आैर सिर्फ कोका कोला की है। अपने विज्ञापन में कोका कोला ने पहली बार सांता को पहली बार लाल रंग के पकड़े पहनाएं। वास्तव में कंपनी ने तो इसे बस अपनी कंपनी का कलर दिया था, लेकिन उस दिन के बाद लोग यही इमेज प्रयोग करने लगे।
पहले इस रंग के कपड़े पहनते थे सांता
आपको जानकर हैरानी होगी कोका कोला के इस विज्ञापन से पहले सांता क्लाॅज के कपड़ों का रंग नीला, पीला और सफेद हुआ करता था, लेकिन शायद ही सांता की वो इमेज किसी को अब याद हो। अब आपको पता चला कि सांता का कोका कोला के साथ कितना खास रिश्ता है। जिसे कभी नहीं तो़ड़ा जा सकता है।