तय समय से ज्यादा काम कराने पर डीजीसीए ने गोएयर को लगाई लताड़ डीजीसीए के सामने गोएयर द्वारा किए गए 40 उल्लंघनों की बात आई सामने सोमवार को पायलट्स अवेलेबल ना होने से 18 फ्लाइट्स हुई थी कैंसिल
नई दिल्ली। पायटल के थके होने की वजह से मई 2010 में मैंगलोर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 158 लोगों की जान गई थी। इस घटना के बाद भी गोएयर ( GoAir ) ने सबक नहीं सीखा है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ( Directorate General of Civil Aviation ) ने पायलट और क्रू मेंबर्स से तय समय से ज्यादा काम कराने को लेकर जमकर लताड़ लगाई है। जानकारी के अनुसार इस मामले की जांच भी शुरू हो गई है। गोएयर एयरलाइन ( GoAir Airline ) को सभी तरह की गड़बडिय़ों को दूर करने के लिए कहा गया है।
40 तरह के उल्लंघन
डीजीसीए से मिली जानकारी के अनुसार गोएयर को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि एयरलाइन के क्रू मेंबर्स और पायलट्स को लगातार चार रातों में उड़ान भरनी पड़ी है। एयरलाइल के करीब 40 उल्लंघनों के बारे में पता चला है। पायलट्स और क्रू मेंबर्स की संख्या ना होने की वजह से बीते एक हफ्मे से एयरलाइन फ्लाइट्स कैंसिल कर रही है।
इसलिए बनाए गए हैं नियम
एविएशन सेक्टर्स के जानकारों की मानें तो गोएयर के मामले में ऑफिशियल्स के साथ क्रू मेंबर्स और पायलट्स को भी दंडित किया जाना चाहिए। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों का उल्लंघन करने से सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि पायलट्स और क्रू मेंबर थकान से बच सकें। साथ विमान में बैठे सैंकड़ों पैसेंजर्स की सुरक्षा बनी रहे। जानकारों की मानें तो ज्यादा थकावट से भरा हुआ पायलट्स विमान को संभाल सकने में सक्षम नहीं होता है।
पायलट्स की भारी कमी
फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों में जानकारी दी गई है कि एक दिन, एक सप्ताह या एक महीने में कितने अधिकतम घंटों तक उड़ान पायलट भर सकता है। आपको बता दें कि इंडियन एविएशन सेक्टर्स में कंपनियों के पास पायलट्स की काफी कमी हैै। अनुमान के मुताबिक देश में करीब 8,000 पायलट हैं और अगले 10 वर्षों में करीब 17000 और पायलटों की जरूरत होगी।