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HAL का रक्षामंत्री को करारा जवाब, कहा, देश के लिए बना रहे हैं इतने विमान

शुक्रवार को बेंगलुरू में नए एचएएल मैनेजमेंट एकेडमी (एचएमए) परिसर में अपनी लिस्टिंग के बाद शेयरधारकों की एचएएल की 55वीं वार्षिक जनरल बॉडी मीटिंग के दौरान यह खुलासा किया गया।
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Updated: 29 Sep 2018, 2:11 PM IST
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HAL का रक्षामंत्री को करारा जवाब, कहा, देश के लिए कर रहे बना रहे हैं इतने विमान

नर्इ दिल्ली। रफाल विवाद अभी तक खत्म नहीं हुआ है। रोजाना इसमें नए खुलासे हो रहे हैं। सत्ता आैर विपक्ष के नेताआें के बयान सामने आ रहे हैं। हाल ही में रक्षा मंत्री निर्मला सीता रमण ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की क्षमता पर सवाल उठाया था। जिसके बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रक्षा मंत्री को जबरदस्त जवाब दिया है। शुक्रवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बेंगलुरू में नए एचएएल मैनेजमेंट एकेडमी (एचएमए) परिसर में अपनी लिस्टिंग के बाद एचएएल की 55वीं वार्षिक जनरल बॉडी मीटिंग में देश के सामने तमाम बातें रखी हैं। जिसमें उन्होंने कर्इ तरह के खुलासे किए हैं।

इतना बढ़ा रेवेन्यू
रफाल विवाद के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की उत्पादन क्षमता पर सवाल उठाने के कुछ दिन बाद कंपनी ने अपने कारोबार से संबंधित जानकारियां आैर घोषणा की। कंपनी ने कहा कि उसका वित्त वर्ष 2017-18 में टर्नओवर 18,28,386 लाख रुपए रहा है। जो अभी तक का सबसे ज्यादा है। जबकि पिछले वर्ष यह 17,60,379 लाख था।

इतने विमानों का किया उत्पदान
कंपनी के अनुसार उन्होंने 40 विमानों और हेलीकाप्टरों, एसयू -30 एमकेआई सहित एलसीए तेजस और डोर्नियर डो-228 एएलएच ध्रुव का उत्पादन किया है। कंपनी ने बताया कि उसने 105 नए इंजन बनाए हैं। जबकि 220 विमान/ हेलीकॉप्टरों और 550 इंजनों को ओवरहाॅल किया है। इस अवधि के दौरान अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए 146 नए एयरो-स्ट्रक्चर तैयार किए गए हैं। एचएएल के नए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर माधवन ने शेयरधारकों को अपने संबोधन में वर्ष 2017-18 के प्रदर्शन को पेश किया। साथ ही उन्होंने कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

क्या कहा था रक्षा मंत्री ने
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की क्षमता पर सवाल उठाते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीमारमण ने कहा था कि यूपीए शासन के तहत 126 रफाल सौदे के फेल होने का कारण एक यह भी था कि एचएएल के पास उत्पादन क्षमता नहीं थी। आपको बता दें कि 2016 में रफाल सौदे से एचएएल को हटाकर अनिल अंबानी को लाया गया था। जिसके बाद फ्रांस की कंपनी के साथ 36 विमानों का सौदा किया गया। जिसपर विपक्ष ने केंद्र सरकार की भूमिका आैर अनिल अंबानी को कांट्रैंट देने की बात पर सवाल उठा दिए।

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29 Sep 2018, 2:11 PM IST
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