
नई दिल्ली। लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रही जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हो गई है। बीते गुरूवार को NCLT ( National Company Law Tribunal ) ने कंपनी की दिवाला प्रक्रिया को स्वीकार कर लिया था। जेट एयरवेज का परिचालन 17 अप्रैल से बंद हो गया था। देश में पहली बार किसी घरेलू एयरलाइन ( indian airline ) को इन परिस्थियों का सामना करना पड़ रहा है।
SBI के नेतृत्व में दायर हुई याचिका
जेट एयरवेज की दिवालिया प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही इस बात का पता लगेगा कि कंपनी दिवालिया घोषित होगी या नहीं। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों ने याचिका दायर की थी। यह सभी प्रक्रिया देश के सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ( state bank of india ) के नेतृत्व में किया गया है। इसमें देश के 26 बैंक शामिल थे।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में जेट एयरवेज ने कहा, ‘एनसीएलटी की मुंबई पीठ के 20 जून के आदेश के अनुसार जेट एयरवेज के खिलाफ दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता 2016 के तहत कॉर्पोरेट दिवाला निपटान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू हो गई है।’
SBI का 967 करोड़ रुपए का कर्ज है
एसबीआई ( SBI ) ने अपनी याचिका में जानकारी देते हुए बताया स्टेट बैंक का कंपनी पर 967 करोड़ रुपए का कर्ज हैं। बैंक ने बताया कि उसने कंपनी को 505 करोड़ रुपए पूंजी के रूप में और 462 करोड़ रुपए ओवरड्राफ्ट के रुप में लिए थे, जिसका अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा जेट एयरवेज पर 25 अन्य बैंकों का 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज हैं। जेट एयरवेज के डूबने से बैंकों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा 23,000 कर्मचारियों और सैकड़ों वेंडरों का भी 13,000 करोड़ रुपए बकाया है क्योंकि कंपनी ने लंबे समय से अपेन कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है।
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