लंबी मंदी की ओर जा सकता है Reliance का Oil Business JIO Platforms की ओर से रिलायंस को दिख रहे हैं कमाई के रास्ते
नई दिल्ली। अमरीकी ब्रोकरेज जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट ( JP Morgan Report ) के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries ) का मुख्य तेल कारोबार कई वर्षों की मंदी के दौर में जा सकता है। वहीं कंज्यूमर और टेक कारोबार से कंपनी के स्टॉक बेहतर बने रहने की संभावना है। जियो प्लेटफार्म्स में फेसबुक और सिल्वर लेक ( Silver Lake Deal ) द्वारा हिस्सेदारी खरीदने के बाद, आरआईएल ने विस्टा पार्टनर्स ( Jio Vista Deal ) को 1.5 अरब अमरीकी डॉलर में जेपीएल में 2.23 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के सौदे की घोषणा की है। अब 13.45 फीसदी की कुल इक्विटी बिक्री के साथ जेपीएल में कुल इक्विटी प्रवाह 7.95 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
एशियन पेंट्स की बेचेगी हिस्सेदारी
जेपी मॉर्गन ने अपने रिसर्च में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्टॉक आउटपरफॉर्मेंस के चलते न्यूज फ्लो और 'समान आकार के सौदों' की उम्मीदें बनी रहेंगी, क्योंकि यह निवेशकों को निकट भविष्य में होने वाली कमाई की कमजोरी के बारे में पता लगाने में मदद करता है। मीडिया रिपोट्र्स में रिलायंस द्वारा एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी की बिक्री के बारे में बात की गई है, जिसकी कंपनी ने अभी तक पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार आरआईएल एशियन पेंट्स में अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी बेचता है तो उसकी मार्केट वैल्यू 98.9 करोड़ डॉलर होगी।
तेल कारोबार में मंदी
जेपी मोर्गन ने कहा कि मुख्य ऊर्जा व्यवसाय कई वर्षों की मंदी के दौर से गुजर सकता है, लेकिन कंज्यूमर और टेक आधारित व्यवसाय से कंपनी का स्टॉक बेहतर बने रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट में कहा है कि आरआईएल ने पहले अपनी घोषणा में यह बात उजागर की थी कि फेसबुक द्वारा किए गए निवेश की तरह ही वह जियो प्लेटफार्म्स में निवेश में रुचि रखती है। विस्टा इक्विटी पार्टनर्स एक अमेरिकी निजी इक्विटी फंड है, जो कि 57 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक की पूंजी के साथ प्रौद्योगिकी एवं उद्यम सॉफ्टवेयर में निवेश करती है। एक रिसर्च रिपोर्ट में बर्नस्टीन ने कहा है कि रिलायंस ने जियो प्लेटफार्म्स में निवेश के साथ बैलेंस शीट पर भी ध्यान केंद्रित किया है।