कॉर्पोरेट वर्ल्ड

ILFS मामले में डेलॉयट की खुली पोल, अब कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय कसेगा शिकंजा

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय आईएलएंडएफ के संदिग्ध मामले में डेलॉयट हस्किंस एंड सेल्स के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार। व्हिसल ब्लोअर ने लेटर लिख कर दी थी कई अहम जानकारी। ऑडिट कंपनी ने IL&FS को मोटी रकम दिलाने के लिए किए कई उलटफेर।

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ILFS मामले में डेलॉयट की खुली पोल, अब कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय IL&FS के संदिग्ध मामले में डेलॉयट हस्किंस एंड सेल्स के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने डेलॉयट के एक दशक से ऊपर के कदाचार को सख्ती से लिया है।


डेलॉयट के पूर्व अधिकारियों से पूछताछ

डेलॉयट द्वारा आईएलएंडएफएस के खातों में हेराफरी करने, लेखाकारों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने, खातों को उसकी वास्तविकता से बेहतर दिखाने और गलत कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करने के लिए मंत्रालय उसे हटा सकता है। गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय ( SFIO ) ने बुधवार को आईएलएंडएफएस की लेखाबही में गड़बड़ी के आरोप में डेलॉयट के पूर्व कार्यकारी अधिकारी उदयन सेन और दो अन्य लोगों से पूछताछ की।


व्हिसल ब्लोअर ने लेटर लिख कर दी जानकारी

जांच एजेंसी को हाल ही में डेलॉयट हस्किंस एंड सेल्स के एक व्हिसल ब्लोअर का लेटर मिला था जिसमें कंपनी की लेखाबही में लेखांकन संबंधी कई कमियों के बारे में बताया गया है। लेटर में आरोप लगाया गया है कि ऑडिट कंपनी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को एक जटिल संरचना की सिफारिश की थी जिसके लिए उसे आईएलएंडएफएस से शुल्क में मोटी रकम मिली थी। रवि पार्थसारथि की अगुवाई करीबी लोगों का समूह था जो एक गुप्त समाज की तरह काम करता था और गैरपेशेवर व अपारदर्शी तरीके से कंपनी के 30 साल के विवरणों का संचालन करता था।

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Published on:
26 Apr 2019 07:32 am
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