मुकेश अंबनी ने घाेषणा की है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (आआर्इएल) आगामी तीन सालों में कर्इ तरह के बिजनेस में करीब 30000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
नर्इ दिल्ली। भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे बड़े धनकुबेर मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो ने भारत में डिजिटल ट्रांसफाॅर्मेशन को रफ्तार दी है। इसके साथ ही मुकेश अंबनी ने घाेषणा की है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (आआर्इएल) आगामी तीन सालों में कर्इ तरह के बिजनेस में करीब 30000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। घोषणा के मुताबिक ये निवेश आेड़िसा में होने वाले 6 हजार करोड़ रुपए के निवेश के अतिरिक्त होगा। मुकेश अंबानी आेड़िशा काॅन्क्लेव 2018 में बात करते हुए ये घोषणा की है। इस कार्यक्रम में जापान, जर्मनी, चीन, इटली सउदी अरब आैर दक्षिण काेरिया के निवेशक भी हिस्सा ले रहे हैं।
मोबाइल नेटवर्क के मामले में भारत का बोलबाला
अंबानी ने कहा कि उनकी तरफ से किए जाने वाले अधिकतर निवेश जियो नेटवर्क के लिए होगा। उन्होंने कहा, "चूंंकि जियो ने अभी दो साल पहले ही शुरू हुआ है, मोबाइल ब्राॅडबैंक पेनीट्रेशन के मामले में भारत 155 रैंक से चढ़कर मोबाइल डेटा प्रयोग के मामले में विश्व का नंबर एक देश हो गया है।" रिलायंस जियो ने आेड़िसा के सभी छोटे बड़े शहर व 43,000 गांवों को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ा है। इसके साथ ही आेड़िसा पर कैपिटा डेटा कंज्म्पशन के मामले में भारत में पहले स्थान पर है।
इन बड़े दिग्गजों ने भी की शिरकत
मुकेश अंबानी ने कहा, "हमारा मकसद भारत को पूरी तरह से बदल देने का है। हमने नौकरियों के नए अवसर पैदा किए हैं। आेड़िसा में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 30 हजार लोगों को नौकरी मिली है।" इस कार्यक्रम में मुकेश अंबानी के अलावा वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, अादित्य बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला आैर भारतीय स्टेट बैंक व बंधन बैंक के चेयरमैन भी शामिल थे। इसके साथ ही इस पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में देश के कर्इ बड़े नेता भी शिरकत करेंगे।