
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की रैंकिंग डिजिटल लेन-देन के मामले में सबसे बेहतर सरकारी बैंक के रूप में की गई है। पीएनबी द्वारा शनिवार को जारी बयान के मुताबिक, वित्त मंत्रालय द्वारा डिजिटल लेन-देन में 31 जुलाई 2018 तक बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन को लेकर तैयार रिपोर्ट में पीएनबी को सबसे बेहतर सरकारी बैंक बताया गया है। यह रिपोर्ट पीएनबी के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। आपको बता दें कि पीएनबी देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का दंश झेल रहा है।
मिली सबसे बेहतर रैंकिंग
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के निष्कर्षो के मुताबिक पीएनबी में कुल डिजिटल लेन-देन के महज 0.83 फीसदी लेन-देन में तकनीकी रूप से किसी प्रकार की परेशानी होती है। डिजिटल प्रदर्शन के आधार पर इस रिपोर्ट में देश के सभी बैंकों में सभी श्रेणियों में पीएनबी को छठा सबसे बेहतर बैंक बताया गया है। बयान में कहा गया, "डिजिटल इंडिया पहल को लेकर बैंक पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बैंक को सरकार द्वारा 'गुड' की रेटिंग दी गई है तथा '71' स्कोर दिया गया है, जो कि प्रदर्शन के आधार पर सबसे उच्च श्रेणी है।"
पीएनबी को संजीवनी दे सकती है रिपोर्ट
भारत सरकार की यह रिपोर्ट पीएनबी को एक नर्इ संजीवनी दे सकती है। मौजूदा समय में पीएनबी काफी घाटे में चल रही है। उसके पास से कस्टमर्स भी धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। घोटाले के बाद बैंक की क्रेडिबिलिटी भी काफी कम हुर्इ है। एेसे में यह रिपोर्ट लोगों के मन में पीएनबी के लिए एक बार फिर से भरोसा पैदा कर सकती है। साथ ही पीएनबी को नया किनारा भी दे सकती है।
देश सबसे बड़ा हुआ बैंकिंग घोटाला
आपको बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला झेल रहा है। इस बैंक में करीब 14 हजार करोड़ रुपए घोटाला हुआ था। जिसके मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव आैर मामा मेहुल चौकसी हैं। जो दोनों ही देश छोड़कर फरार हो चुके हैं। नीरव मोदी लंदन में बताया जा रहा है। वहीं मेहुल चौकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली है। जिसके प्रत्यपर्ण तैयारियां भारत सरकार ने शुरू कर दी हैं।