अमेरिका में आईफोन यूजर्स के फोन इजरायल की एक साइबर कंपनी NSO सेंध लगा रही थी। इसके बाद एपल ने सख्ती दिखाते हुए NSO पर मुकदमा ठोक दिया है।
नई दिल्ली। स्मार्टफोन ने आज हमारा हर काम आसान कर दिया है। यही वजह है कि ये हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। स्मार्टफोन से होने वाली सुविधा के साथ ही कई बार हमारी लापरवाही से ये हमें साइबर हमलावरों के निशाने पर ला देता है। ये साइबर ठग यूजर की बैंकिंग एक्टिविटी पर नजर रखने के साथ-साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल्स का इस्तेमाल भी जासूसी और ठगी के लिए करते हैं। अब अमेरिका में आईफोन यूजर्स की जासूसी का मामला सामने आया है।
Apple ने NSO पर ठोका मुकदमा
जानकारी के मुताबिक अमेरिका में आईफोन यूजर्स के फोन इजरायल की एक साइबर कंपनी सेंध लगा रही थी। इस संबंध में जानकारी सामने आने पर एपल यूजर्स परेशान हो गए, वहीं कंपनी में भी हड़कंप मचा है। बताया गया कि इजरायली साइबर कंपनी NSO द्वारा आईफोन यूजर्स की जासूसी की जा रही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एपल ने इजरायल की साइबर कंपनी NSO पर मुकदमा भी ठोक दिया है।
एपल कर रहा एनएसओ को बैन करने की मांग
इस संबंध में Apple का कहना है कि NSO ग्रुप ने उसके iPhone यूजर्स की जासूसी की है। ये यूजर्स की निजता का उल्लंघन हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में एपल ने कोर्ट में मांग की है कि इजरायली साइबर कंपनी NSO पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। कंपनी की मांग है कि NSO ग्रुप को बैन किया जाए ताकि ये ग्रुप हमारे सॉफ्टवेयर, सर्विस और डिवाइस का इस्तेमाल कर यूजर के डाटा में सेंध ना लगा सके।
Apple का आरोप है कि NSO ने पेगासस के जरिए 1.65 बिलियन यूजर्स के डाटा में सेंध लगाने की कोशिश की है, जिसमें एक बिलियन से ज्यादा iPhone यूजर्स शामिल हैं। हालांकि NSO ने एपल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। NSO ग्रुप का कहना है कि हमारे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आतंकवाद और अपराध पर लगाम लगाने के लिए किया जाता है ना कि किसी तरह की जासूसी के लिए।