टेक्नोलॉजी

नवाचार : ब्रेन-कम्प्यूटर इंटरफेस की नई तकनीक से Paralysis का इलाज होगा आसान

इससे लकवाग्रस्त रोगियों को अपने विचारों को डिजिटल उपकरणों के जरिए नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

less than 1 minute read
Jul 30, 2021
नवाचार : ब्रेन-कम्प्यूटर इंटरफेस की नई तकनीक से Paralysis का इलाज होगा आसान

यूएस में एक ब्रेन-कम्प्यूटर इंटरफेस कंपनी सिर में प्रत्यारोपण के लिए क्लीनिकल ट्रायल करने जा रही है। भविष्य में उपकरणों को मस्तिष्क के भीतर डालने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इससे पक्षाघात जैसी बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी। न्यूयॉर्क स्थित सिंक्रोन इंक का कहना है कि उसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से इंसानों पर अपने उपकरणों के परीक्षण की अनुमति मिल गई है। सिंक्रोन ने एलन मस्क के न्यूरालिंक समेत अन्य कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए यह घोषणा की है। वाणिज्यिक ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस एफडीए के लिए अपेक्षाकृत नया क्षेत्र है। उद्यमी पूंजीपति अचानक ही प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए उत्सुक हैं। रिसर्च फर्म पिचबुक के मुताबिक, ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस स्टार्टअप्स ने इस साल अब तक 133 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।

यह पिछले सभी वर्षों में जुटाई गई पूंजी से अधिक है। 2017 में एक साल में न्यूरालिंक ने 107 मिलियन डॉलर जुटाए थे। सिंक्रोन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थॉमस ऑक्सले कहते हैं कि सुरक्षा सम्बंधी कई चिंताएं हैं, जिनसे पहले निपटा नहीं गया है। हमारे लिए सुरक्षा प्राथमिकता है। कंपनी मस्तिष्क में स्टेंट्रोड नामक एक उपकरण रखने की योजना बना रही है, जो माचिस की तीली से छोटा है। इससे लकवाग्रस्त रोगियों को अपने विचारों को डिजिटल उपकरणों के जरिए नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। कई अन्य इम्पलांटेड ब्रेन-कम्यूटर इंटरफेस के विपरीत, जिसमें मस्तिष्क की सर्जरी की आवश्यकता होती है, स्टेंट्रोड डिवाइस को गर्दन पर एक रक्तवाहिका के माध्यम से प्रत्यारोपित किया जाता है। सिंक्रोन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और न्यूयॉर्क में माउंट सिनाई हेल्थ सिस्टम में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. जे मोक्को का अनुमान है कि सिंक्रोन डिवाइस तीन से पांच वर्ष में बाजार में आ सकती है।

Published on:
30 Jul 2021 10:57 am
Also Read
View All