टेक्नोलॉजी

फेस रिकिग्नशन तकनीक ने गलत पहचान की, निर्दोष ने 10 दिन बिताये जेल में

न्यू जर्सी में एक व्यक्ति ने पुलिस और फेस रिकिग्नशल तकनीक प्रदाता कंपनी के खिलाफ मुकद्दमा दायर किया है, क्योंकि गलत पहचान के कारण पुलिस ने उसे पकड़कर 10 दिनों तक जेल में बंद रखा

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Jan 02, 2021
फेस रिकिग्नशन तकनीक ने गलत पहचान की, निर्दोष ने 10  दिन बिताये जेल में
फेस रिकिग्नशन तकनीक ने गलत पहचान की, निर्दोष ने 10 दिन बिताये जेल में

विदेशों में चेहरा पहचानने वाली तकनीक का उपयोग दिनों-दिन बए़ रहा है। लेकिन कई बार तकनीक की गलती से निर्दोष व्यक्ति को परेशान भी होना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया न्यू जर्सी में। यहां 33 वर्षीय अश्वेत नीजीर पाक्र्स को सिर्फ इसलिए 10 दिनों तक जेल की हवा खानी पड़ गई क्योंकि फेस रिकिग्नशन तकनीक ने उसकी पहचान एक अपराधी के रूप में की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।

यह था पूरा मामला
पाक्र्स को एक तड़ीपार अपराधी से शक्ल मिलने के आधार पर बिना पुष्टि किए पुलिस ने हिरासत में रखा था। उक्त अपराधी पर 2019 में वुडब्रिज में दुकान लूटने का आरोप था, लेकिन वह पुलिस के हाथों से बच निकला था। पीडि़त नीजीर के वकील डैनियल सेक्स्टन ने शहर और वुडब्रिज में अधिकारियों के खिलाफ एक सिविल मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने संदिग्ध चेहरे की पहचान सॉफ्टवेयर से कर पाक्र्स के नागरिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। नीजीर के अश्वेत होने के कारण यह मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। पाक्र्स अभी एक सुपरमार्केट में क्लर्क के रूप में काम कर रहे थे और अपने मंगेतर से शादी करने के लिए बचत कर रहे थे।

गलत गिरफ्तारी, पुलिस के उड़े होश
चोरी और लूट की यह घटना वुडब्रिज में 26 जनवरी, 2019 को हैम्पटन इन में हुई थी। एक दुकानदार ने अपने सहां लूट की सयूचना दी। चोर ने बहुत ही मामूली चीजें जैसे गिफ्ट, कैंडी और चॉकलेट्स चुराए थे। चोर एक होटल के बाथरूम में घुस गया। जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने टेनेसी के एक ड्राइवर का लाइसेंस सौंप दिया जिसकी पहचान 25 वर्षीय जमाल ओवेन्स के रूप में हुई। मौका पाकर वह पिछले दरवाजे से बाहर भाग गया। पुलिस ने उस संदिग्ध लाइसेंस का मैच फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर से किया जो नीजीर से मिलता था। लेकिन गलत गिरफ्तारी ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। जेल से छूटने के बाद नीजीर ने पुलिस औरा संबंधित फेस-रिकग्निशन तकनीक सेवा प्रदाता कंपनी पर मानहानी का दावा ठोक दिया है।

Published on:
02 Jan 2021 08:02 pm