सर्च इंजन गूगल ने कहा है कि उसने अपनी गूगल मैप लोकेशन का डेटा इसलिए स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए जारी कर दिए हैं ताकि वे इसके जरिए यह समीक्षा कर सकें कि लॉकडाउन वाले क्षेत्रों में लोग सोशल डिस्टैंसिंग का कितना पालन कर रहे हैं। इस डेटा को इस तरह डिजायन किया गया है कि इससे आसानी से यह समझज्ञ जा सकता है कि किसी दिए गए समुदाय में सामाजिक सुरक्षा के उपाय कितने प्रभावी हैं।

एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए हाल ही गूगल ने अपने गूगल मैप के लोकेशन डेटा को जारी किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोग अपने क्षेत्रों में सोशल डिस्टैंसिंग की कितनी पालना कर रहे हैं इस बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को एक वृहद दृष्टि प्रदान कर सकें। इसमें दुनिया भर के देशों के स्थानीय उपयोगकर्ताओं की लोकेशन हिस्ट्री डेटा का उपयोग करते हुए संक्रमितों को चिन्हित कर सके। इसके लिए गूगल ने सार्वजनिक रूप से कोविड-19 वायरस की सामुदायिक गतिशीलता मैप्स की एक श्रृंखला जारी की है। डेटा के आधार पर यह पता किया जा सकता है कि सामाजिक दूरी और घर में रहने के कारण लोगों के व्यवहार में कैसे परिवर्तन आ रहा है।
131 देशों का डेटा शामिल, 6 श्रेणियों में दिखाती गतिशीलता
गूगल के सामुदायिक गतिशीलता मैप्स की इन रिपोर्टों में अभी 131 देशों को शामिल किया गया है। इसमें दो महीने पुराने डेटा का हाल के डेटा से एक तुलनात्मक निष्कर्ष भी पेश किया गया है। प्रत्येक रिपोर्ट छह श्रेणियों में गतिशीलता के रुझानों को दिखाती है। इनमें रिटेल, मनोरंजन, कैफे, संग्रहालय, किराने, फार्मेसी, सार्वजनिक पार्क और राष्ट्रीय उद्यान सहित ट्रांजिट स्टेशन, कार्यस्थल और आवासीय गतिशीलता शामिल हैं। इतना ही नहीं प्रत्येक देश की रिपोर्ट को अलग-अलग राज्यों या प्रांतों का विवरण भी देती है। इसमें वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमितों का गढ़ बन चुका अमरीका की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है।
इसलिए महत्त्वपूर्ण है ये डेटा
गूगल के इस मैप डेटा को रिलीज़ करने, इसकी व्याख्या करने मैप्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेन फिट्ज़पैट्रिक और गूगल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी करेन डेसाल्वो का कहना है कि यह जानकारी 131 देशों में वहां के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर सोशल डिस्टैंसिंग के उपायों की प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, यह जानकारी अधिकारियों को किसी विशेष क्षेत्र में यात्राओं में हुए परिवर्तन को समझने में मदद कर सकती है। साथ ही व्यावसायिक समयावधि में परिवहन, चिकित्सा, शारीरिक दूरी और social distancing के लिए लोगों को सचेत करने में मदद कर सकती है। इसी तरह काम से या अन्य कारणों से बाहर निकले लागों के कफ्यू या लॉकडाउन की स्थितिमें अतिरिक्त परिवहन साधनों की व्यवस्था कर उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। साथ ही अधिकारियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य और समुदायों की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि गूगल ने यह भी कहा कि यह केवल उन्हीं लोगों का डेटा है जिन्होंने अपनी लोकेशन हिस्ट्री को चालू किया हुआ है। यह एक ऑप्ट-इन सेटिंग होती है जो डिफॉल्ट रूप से बंद है।
डेटा पर एक नजर
-94 फीसदी गिरावट आई है इटली में रिटेल शॉपिंग और मनोरंजन के स्थानों पर लोगों की आवाजाही में
-87 फीसदी की गिरावट है रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और टैक्सी स्टैंड पर लोगों के आने-जाने में यहां
-24 फीसदी की ही गिरावट देखी जा रही है रिटेल शॉपिंग और मनोरंजन स्थलों पर स्वीडन में क्योंकि यहां कोविड-19 के
मामले कम हैं।
-43 फीसदी की वृद्धि हुई है इस बीच स्वीडन में पार्क घूमने वालों की संख्या में