
Samsung, Vivo और Poco की नई कीमतें। फोटो सोर्स-aI
Smartphone Price Hike Update: लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब स्मार्टफोन बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मोबाइल खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सैमसंग (Samsung), वीवो (Vivo) और पोको (Poco) ने अपने कई लोकप्रिय स्मार्टफोन मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। खास बात यह है कि Vivo ने इसी महीने दूसरी बार अपने फोन महंगे किए हैं। उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि मेमोरी चिप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के चलते कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
Samsung ने अपने Galaxy M47 स्मार्टफोन की कीमत में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है। लॉन्च के करीब 2 सप्ताह बाद ही कंपनी ने इसके दोनों प्रमुख वेरिएंट महंगे कर दिए हैं। 29 जून को लॉन्च हुए Galaxy M47 के 8GB + 128GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 28,999 रुपये थी, जो अब बढ़कर 36,999 रुपये हो गई है। वहीं 6GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 25,999 रुपये से बढ़ाकर 32,999 रुपये कर दी गई है।
Vivo ने हाल ही में अपनी X, V, T और Y सीरीज के कई स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ाई थीं। अब कंपनी ने T5 Pro, T5x और T4 Lite की कीमतों में भी एक बार फिर इजाफा कर दिया है। Vivo T5 Pro अब 32,999 रुपये की बजाय 35,999 रुपये में मिलेगा। वहीं Vivo T5x की कीमत में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। T4 Lite के दाम 2,000 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। इसका 4GB + 64GB वेरिएंट, जो पहले 14,999 रुपये में मिलता था, अब 16,999 रुपये में उपलब्ध होगा। इन दोनों मॉडल्स की कीमतें पहले भी बढ़ चुकी हैं।
Poco ने भी अपने प्रीमियम और मिड-रेंज स्मार्टफोन की कीमतों में बदलाव किया है। Poco X8 Pro Max अब 44,999 रुपये की जगह 46,999 रुपये में मिलेगा। Poco X8 Pro की कीमत में भी 2,000 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं Poco M8 के 6GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये से बढ़कर 21,999 रुपये हो गई है। इसके 8GB रैम वेरिएंट के दाम में भी 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
Samsung, Vivo और Poco से पहले भी कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स महंगे कर चुकी हैं। इसी महीने Nothing और Realme ने भी अपने कई स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इसके अलावा Apple भी अपने iPad और MacBook की कीमतों में बड़ा इजाफा कर चुकी है। कुछ प्रीमियम मॉडल्स की कीमतों में एक लाख रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स, डिस्प्ले, प्रोसेसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां और उत्पादन लागत में वृद्धि भी कंपनियों के खर्च को बढ़ा रही है। यही वजह है कि कंपनियां अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं।
Updated on:
14 Jul 2026 02:51 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:51 pm
