
मेटा पर बड़े एक्शन की तैयारी (Patrika File Photo)
Meta News: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा की मुसीबत बढ़ती जा रही है। मेटा भारत के बाद अब यूरोप की नियामक एजेंसियों के निशाने पर आ गई है। यूरोपीय संघ (EU) ने मेटा पर अपने डिजिटल नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के कुछ फीचर्स खासकर किशोरों को लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं। वहीं भारत सरकार ने भी इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट को लेकर मेटा को सख्त चेतावनी दी है।
यूरोपीय आयोग (European Commission) ने दो साल की जांच के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा कि मेटा ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर मौजूद ऑटोप्ले, कभी न खत्म होने वाला स्क्रॉल, अत्यधिक पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन, रील्स और स्टोरीज जैसे फीचर्स से यूजर्स को होने वाली लत के खतरे का सही आकलन नहीं किया। आयोग का कहना है कि ये फीचर्स यूजर्स को लगातार नया कंटेंट दिखाकर लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखते हैं, जिससे अत्यधिक या बाध्यकारी उपयोग की संभावना बढ़ जाती है।
यूरोपीय आयोग ने मेटा से मांग की है कि वह ऑटोप्ले और इनफिनिट स्क्रॉल जैसे फीचर्स को डिफॉल्ट रूप से बंद करे। साथ ही प्रभावी स्क्रीन टाइम ब्रेक लागू करे और अपने रिकमेंडेशन सिस्टम को सिर्फ यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने के बजाय सुरक्षित उपयोग को प्राथमिकता देने वाला बनाए। आयोग ने यह भी कहा कि मौजूदा टाइम मैनेजमेंट टूल्स को आसानी से नजरअंदाज किया जा सकता है, जबकि पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करना आम लोगों के लिए जटिल है। यदि मेटा जरूरी बदलाव नहीं करती है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
मेटा ने EU के आरोपों से असहमति जताई है। रॉयटर्स के अनुसार, कंपनी के प्रवक्ता बेन वॉल्टर्स ने कहा कि आयोग के शुरुआती निष्कर्ष उन कदमों को सही तरीके से नहीं दर्शाते जो कंपनी ने किशोरों की सुरक्षा के लिए उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी किशोरों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही हैं और हाल ही में 'टीन अकाउंट्स' जैसे फीचर्स भी रोलआउट किए हैं। कंपनी ने कहा कि वह यूरोपीय नियामकों के साथ सहयोग जारी रखेगी।
उधर, भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSEAM) के प्रसार को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तत्काल हटाने का निर्देश देते हुए कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। सरकार का कहना है कि ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने या उसकी पहुंच आसान बनाने वाले किसी भी विज्ञापन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी बीच व्हाट्सऐप के प्रस्तावित व्हाट्सएप यूजरनेम को लेकर भी मेटा की टीम ने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की और विस्तृत जवाब देने के लिए तीन दिन का समय मांगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में भारत सरकार ने इस फीचर के रोलआउट पर फिलहाल रोक लगा दी थी। मेटा का कहना है कि यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा और पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचाव के लिए इसमें कई सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं।
Updated on:
10 Jul 2026 08:15 pm
Published on:
10 Jul 2026 07:23 pm
