-4.57 अरब यानी दुनिया की 59 फीसदी आबादी की पहुंच में इंटरनेट (Internet reaches 59 percent of the world's population)-शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और लेनदेन भी ऑनलाइन
जयपुर. कोरोनाकाल के दौरान ऑनलाइन प्रणाली में तेजी आई है। जीवन के हर क्षेत्र में इसका प्रयोग और उपयोगिता बढ़ गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और लेने-देन जैसी सभी गतिविधियों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भरता पहले से कई गुना अधिक बढ़ गई। अमरीका की आर्थिक डेटा प्रोवाइडर कंपनी डोमो द्वारा अप्रेल 2020 में जुटाए आंकड़ों के अनुसार 4.57 अरब यानी दुनिया की 59 फीसदी आबादी तक आज इंटरनेट पहुंच चुका है, जिनसे इतना बड़ा तकनीकी बदलाव नजर आया।
इस वर्ष अप्रेल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रति मिनट इस्तेमाल
1. जूम
208333 लोग मीटिंग से जुड़े विश्व में हर मिनट
2. नेटफ्लिक्स
404444 घंटे के वीडियो देखे गए
3. यूट्यूब
500 घंटे के वीडियो अपलोड किए गए
4. इंस्टाग्राम
347222 स्टोरी पोस्ट की गई
5. ट्विटर
319 नए यूजर जुड़े
6. फेसबुक
1.50 लाख संदेश पोस्ट किए और 1.47 लाख फोटो अपलोड
7. व्हाट्सऐप
41.66 करोड़ मैसेज शेयर किए गए
8. वेनमो
239,196 डॉलर का लेनदेन हुआ वेनमो पर
9. माइक्रोसॉफ्ट
52083 यूजर्स से संपर्क किया
10. स्पोटीफाई
28 म्यूजिक टै्रक लाइब्रेरी में जोड़े
कुछ खास बातें
10 लाख डॉलर ऑनलाइन खर्च किए यूजर्स ने प्रति मिनट
13,88889 वीडियो/वॉइस कॉल किए गए प्रति मिनट
69444 बार जॉब्स के लिए अप्लाई किया गया लिंकडिन पर
2704 बार इंस्टाल किया गया टिकटॉक ऐप (अब भारत में बैन)
आगे क्या ?
ऑनलाइन प्लेटफॉम/सोशल मीडिया पर लोगों की सक्रियता से अर्थव्यवस्था को गति भी मिलेगी। हालांकि इसके नुकसान भी हैं, जैसे स्क्रीनटाइम बढऩा दिमाग और शरीर के लिए हानिकारक है। वैसे ही बाजार की अवधारणा भी प्रभावित होगी। आने वाले दिनों में बड़े उद्यमी ऑनलाइन बाजार का रुख करेंगे और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।