दुनियाभर में 3 वर्षों के दौरान इस तरीके से तीन हजार से अधिक लोग ठगे जा चुके हैं
ऑनलाइन ठगी के तरीकों की पहचान हो जाने पर अब ठगों ने एक नया तरीका ढूंढ लिया है। अक्सर हम ऑफिस एवं कॉर्पोरेट ईमेल को सुरक्षित मानते हैं। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि जालसाज कॉर्पोरेट ईमेल का सहारा लेकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।
अप्रैल 2020 में एक अमरीकी कंपनी की अकाउंटेंट जोआना को उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी का ईमेल मिला। इसी ईमेल से इन जालसाजों के ठगी करने के इस नए तरीके का खुलासा हुआ। ईमेल में सीईओ बारबरा ने जोआना को साइबर सुरक्षा देने वाली कंपनी को एक चेक भेजने के लिए कहा था। जोआना को इस पर संदेह हुआ। उन्होंने कंपनी से इस बारे में पूछा तो साइबर सुरक्षा देने वाली कंपनी ने कहा कि हां वे उन्हें चेक भेज दें। दरअसल, ठग कंपनी और फर्म के फर्जी अकाउंट से जवाब दे रहे थे। जोआना इसकी शिकायत उनकी कंपनी को इंटरनेट सुरक्षा देने वाली कंपनी से की तब खुलासा हुआ।
ऐसे करते हैं ठगी
ठग पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए एक ईमेल करते हैं जिसमें तत्काल एक तय राशि चेक द्वारा देने के लिए कहा जाता है। ईमेल अक्सर सीईओ, वाइस प्रेसिडेंट या डायरेक्टर जैसे किसी उच्च पद के अधिकारी की ईमेल के फर्जी अकाउंड से भेजा जाता है। ईमेल में अधिकारी तुरंत पैसा ट्रांसफर करने का अनुरोध करेगा। ऐसे ही कई बार पेरोल कर्मचारियों को प्रीपेड कार्ड खाते में अपनी प्रत्यक्ष जमा जानकारी (डीडीआइ) को अपडेट करने का अनुरोध करने वाला ईमेल मिलेगा। जब तक कंपनियों को इस ठगी का पता चलता है बहुत देर हो चुकी होती है।
उड़ाए 2600 करोड़ रु
जब खोजबीन की गई तो पता चला कि फर्जी अकाउंट से ईमेल भेजने वाले गिरोह के सदस्य नाइजीरिया, घाना और केन्या से नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। साइबर सुरक्षा कंपनी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, बीते साल अप्रैल और अगस्त के बीच गिरोह ने दुनियांभर में लगभग 2100 कंपनियों में 3000 से अधिक लोगों को ऐसे कॉर्पोरेट मेल के जरिए अपना निशाना बनाया था। अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई ने बताया कि जून 2016 से जुलाई 2019 के बीच ईमेल से ठगी के 166,349 मामले दर्ज किए गए। इसमें जालसाजों ने 2620 करोड़ रु की ठगी की थी।
वहीं हाल ही मामले की जांच कर रही अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई की रिपोर्ट के अनुसार अमरीका में इस तरह के ईमेल ठगी के मामले उन राज्यों में ज्यादा बढ़ गई है जहां आमतौर पर प्रायोजित हैक या रैंसमवेयर जालसाजी के मामले बहुत सामान्य न हों। एफबीआई का कहना है कि कॉर्पोरेट ईमेल के जरिए ठगी करने वाले गिरोह की वारदातें मई 2018 से जुलाई 2019 तक 100 फीसदी तक बढ़े हैं।
3000 से ज्यादा लोगों को ठगों ने इस तरीके से ठगा था, 2100 कंपनियों के