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Dholavira Indus Valley Civilization: कच्छ की अनोखी कहानी, बंजर जमीन से विरासत, उद्योग और पर्यटन तक का सफर

Dholavira Indus Valley Civilization: कभी बंजर माना जाने वाला कच्छ आज भारत की सबसे अनोखी पहचान बन चुका है। जानिए रण ऑफ कच्छ, धोलावीरा, जीवाश्म पार्क और आधुनिक उद्योगों की पूरी कहानी।

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Feb 07, 2026
Dholavira Indus Valley Civilization (photo- patrika)

Dholavira Indus Valley Civilization: पहली नजर में कच्छ (Kutch) किसी भी इंसान को थोड़ा डराने वाला इलाका लग सकता है। चारों तरफ सूखी जमीन, नमक के रेगिस्तान, बहुत कम बारिश और ऐसे गांव, जो मानो रहने की आखिरी हद पर टिके हों। लंबे समय तक कच्छ को एक बंजर और पिछड़ा इलाका माना जाता रहा। लेकिन आज यही कच्छ भारत के सबसे दिलचस्प बदलावों की कहानी बन चुका है। यहां प्रकृति का इतिहास, प्राचीन सभ्यता, आधुनिक उद्योग और पर्यटन सब एक साथ दिखाई देते हैं। जो कभी कमजोरी माना जाता था, वही आज इसकी ताकत बन चुका है।

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लाखों साल पुरानी कहानी

कच्छ की कहानी आज से नहीं, बल्कि लाखों साल पहले शुरू होती है। आज का रण ऑफ कच्छ कभी अरब सागर से जुड़ा एक उथला समुद्री इलाका था। समय के साथ धरती की हलचल और मौसम में बदलाव हुए, समुद्र पीछे हट गया और ग्रेट रण और लिटिल रण जैसे नमक के रेगिस्तान बन गए। धोलावीरा के पास स्थित वुड फॉसिल पार्क इस इलाके के पुराने इतिहास का सबूत है। यहां 10 करोड़ साल पुराने पेड़ों के जीवाश्म मिले हैं, जिनमें से कुछ 13 मीटर से भी लंबे हैं। यह दिखाता है कि जहां आज सूखा है, वहां कभी घने जंगल हुआ करते थे। यही वजह है कि इस पार्क को राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा मिला है।

Dholavira Indus Valley Civilization (photo- patrika)

धोलावीरा: रेगिस्तान में बसी स्मार्ट सिटी

हजारों साल बाद इसी कठोर जमीन पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की महान नगरी धोलावीरा। करीब 3000 से 1500 ईसा पूर्व के बीच यह शहर आबाद था। धोलावीरा अपनी बेहतरीन जल प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है। पत्थर के बड़े-बड़े जलाशय बारिश के पानी को सहेजते थे, जिससे कम पानी में भी शहर फलता-फूलता रहा। यहां मिली सिंधु लिपि की लिखावट और व्यापार-कला के प्रमाण बताते हैं कि कच्छ में हमेशा से कमी को समझदारी और तकनीक से हराने की परंपरा रही है।

Dholavira Indus Valley Civilization (photo- patrika)

2001 का भूकंप और नई शुरुआत

26 जनवरी 2001 का भूकंप कच्छ के लिए एक बड़ा झटका था। इमारतें गिर गईं, जमीन की कीमतें गिर गईं और लोग भविष्य को लेकर डरे हुए थे। लेकिन इसी तबाही के बीच नए कच्छ की नींव रखी गई। 2004 में अंजार के पास बना वेलस्पन सिटी इसका बड़ा उदाहरण है। यह एक आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप है, जहां टेक्सटाइल और बड़े पाइप बनाए जाते हैं, जो पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट होते हैं। इस प्रोजेक्ट ने न सिर्फ रोजगार बढ़ाया, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक ढांचे को भी बदल दिया। साथ ही, पानी की रिसाइक्लिंग और ग्रीन बेल्ट जैसे कदमों से पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया।

Dholavira Indus Valley Civilization (photo- patrika)

समय की परतों में बसा कच्छ

आज का कच्छ ऐसा इलाका है, जहां करोड़ों साल पुराने जीवाश्म, हजारों साल पुरानी सभ्यता और आधुनिक फैक्ट्रियां एक साथ मौजूद हैं। यह जगह बताती है कि अगर सोच मजबूत हो, तो सबसे कठिन जमीन भी विकास की कहानी लिख सकती है।

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Updated on:
07 Feb 2026 06:04 pm
Published on:
07 Feb 2026 05:59 pm
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