Doctor Death AKA Dayadas Maharaj: 50 से अधिक हत्याएं, किडनी गिरोह... जानिए इस सीरियल किलर डॉक्टर डेथ की जिंदगी के बारे में। जानिए कौन था डॉक्टर डेथ (Doctor Death AKA Dayadas Maharaj Real Story)
Doctor Death AKA Dayadas Maharaj: कुछ क्राइम की कहानियां रौंगटे खड़ा कर देती हैं। उनमें से ये एक कहानी है डॉक्टर डेथ यानी दयादास महाराज की। डॉक्टर डेथ सीरियल किलर (Doctor Death Devendra Sharma Serial Killer) बताया जा रहा है जिसपर करीब 50 हत्या के मामलों का आरोपी है। ये पहचान छिपाकर राजस्थान के एक मंदिर में दयादास महाराज बनकर रह रहा था। मंदिर में जब पुलिस ने पकड़ा तो इसके ठाट को देखकर होश उड़ गए। चलिए देखते हैं कि सीरियल किलर से संत बनकर दयादास किस तरह की लग्जरी जिंदगी जी रहा था।
Doctor Death Devendra Sharma: डॉक्टर डेथ या दयादास महाराज ये दोनों ही इसके असली नाम नहीं है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक इसका असली नाम देवेंद्र शर्मा है। ये गुढ़ाकटला (दौसा) के रामेश्वर धाम मंदिर में अपनी पहचान छिपाकर एक संत के वेश मे लग्जरी जिंदगी जी रहा था।
गुढ़ाकटला के रामेश्वर धाम मंदिर में इसने अपने रहने के लिए आलीशान व्यवस्था कर रखी थी। यहां पर डॉक्टर डेथ रहता था वहां पर सारी सुख सुविधाएं थीं। अपने निवास पर एसी, आरओ, बटर कुलर वाईफाई, सीसीटीवी आदि सभी सुविधा लगा रखी थी। इसके पास इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट्स आदि भी मिले हैं।
अवैध किडनी प्रत्यारोपण का काम करता था ये। दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी देवेन्द्र ने 1998 से 2004 के बीच 1.25 से अधिक अवैध किडनी प्रत्यारोपण किए। आपको ये जानकार हैरानी होगी कि उसने एक किडनी ट्रांसप्लांटेशन के लिए 5 से 7 लाख रुपए मरीजों से लिए। इस तरह से उसने मोटी कमाई की। इनकी कमाई का जरिया और भी था। पुलिस के अनुसार देवेन्द्र और उसका गिरोह टैक्सी ड्राइवरों के अपहरण और सीरियल हत्याओं में भी शामिल थे उनके वाहन उत्तर प्रदेश के मार्केट में बेचे जाते थे।
दिल्ली पुलिस की जानकारी के अनुसार, हत्या का आरोपी देवेंद्र शर्मा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का स्थायी निवासी है। उसके पिता बिहार के सीवान जिला में एक दवा कंपनी काम करते थे। उसी दौरान साल 1994 में देवेन्द्र ने बिहार से बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
ये कुख्यात अपराधी लोगों का दिल जीतने के लिए कई काम करता था। इसके प्रवचन के लिए भी स्थानीय लोग आते थे। ये 25 मई को वृद्धाश्रम खोलने जा रहा था। इसके लिए एक मकान को किराए पर लेकर वृद्ध आश्रम के लिए बेड, तीन एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, वाईफाई, कुर्सी, टेबल, सोफा आदि की व्यवस्था कर रखी थी। हालांकि, गिरफ्तारी के कारण सारी पोल खुल गई।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली से लेकर हरियाणा, यूपी, राजस्थान तक कई लोगों की हत्या करने के आरोप हैं। साथ ही ये शवों को यूपी के कासगंज में मगरमच्छों को खिला देता था। बता दें, साल 2022 में इसे 20 दिन की पेरोल दी गई थी और ये वहीं से फरार हो गया था। तब से पुलिस इसकी तलाश में थी और आखिरकार संत के भेष में छिपा सीरियल किलर फिर से पुलिस की गिरफ्त में है।