
Eyelash Trimming: सोशल मीडिया पर आज के समय में खूबसूरती और ग्रूमिंग से जुड़े कई तरह के ट्रेंड तेजी से वायरल होते हैं। ऐसा ही एक ट्रेंड आईलैश यानी पलकों के बाल काटने का भी है, जिसमें कुछ लोग बेहतर लुक पाने या अलग दिखने के लिए अपनी आईलैश को ट्रिम करते नजर आ रहे हैं। लेकिन आईलैश सिर्फ चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए नहीं होतीं, बल्कि ये आंखों को धूल और दूसरी बाहरी चीजों से बचाने में भी मदद करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया के इस ट्रेंड को अपनाने से आंखों पर क्या असर पड़ सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईलैश को काटना या ट्रिम नहीं करना चाहिए। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि आईलैश आंखों के बहुत पास होती हैं और इन्हें काटने के लिए कैंची जैसी नुकीली चीज का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे गलती से आंख या पलक पर चोट लग सकती है। इसके अलावा अगर इस्तेमाल की जाने वाली चीज साफ नहीं है तो बैक्टीरिया के कारण इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है।
आईलैश का काम सिर्फ आंखों को खूबसूरत दिखाना नहीं है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, ये आंखों की सतह तक पहुंचने वाली धूल और छोटे बाहरी कणों की मात्रा कम करने में मदद करती हैं। आईलैश का प्राकृतिक घुमाव पसीने और दूसरी जलन पैदा करने वाली चीजों को आंखों से दूर रखने में भी मदद करता है। वहीं अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी (American Academy of Ophthalmology) के अनुसार, आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा में पलकें, आईलैश और ब्लिंक रिफ्लेक्स शामिल हैं। यानी आईलैश आंखों के लिए एक तरह की प्राकृतिक सुरक्षा का काम करती हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, आईलैश ट्रिम करने से आंख या पलक पर चोट लगने के अलावा जलन, सूजन और इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा आईलैश काटने से आंखों की सतह पर मौजूद टियर फिल्म भी प्रभावित हो सकती है, जिससे आंखों में सूखापन और खुजली जैसी परेशानी हो सकती है।
सोशल मीडिया पर आईलैश काटने को लेकर कुछ ऐसे दावे किए जाते हैं कि इससे वे दोबारा ज्यादा लंबी या घनी होकर उगती हैं। लेकिन क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि आईलैश काटने या हटाने से वे पहले से ज्यादा लंबी या घनी होती हैं। अगर आईलैश के फॉलिकल को नुकसान नहीं हुआ है तो वे काटने के बाद दोबारा उग सकती हैं, लेकिन बार बार चोट, सूजन या इंफेक्शन होने पर उनके दोबारा उगने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
अगर आईलैश की दिशा बदल गई है और वह आंख में चुभ रही है, आंख में दर्द या लालिमा है, पानी या डिस्चार्ज आ रहा है, पलक पर सूजन है या नजर धुंधली हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।