
Lemon Plant Care टिप्स/ image credit youtube/ganeshnursery
Lemon Plant Fruit Tip: नींबू का इस्तेमाल नींबू पानी या शहद पानी के साथ साथ कई तरह की रेसिपी में भी किया जाता है। यही वजह है कि नींबू भारतीय किचन का जरूरी हिस्सा है और कई लोग इसे अपने गार्डन, छत या बालकनी में गमले में भी लगाते हैं। लेकिन कई बार पौधा अच्छी तरह बढ़ने के बाद भी उसमें फूल और फल नहीं आते। ऐसे में ज्यादातर लोगों को लगता है कि पौधे की वैरायटी ही खराब है, लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है। पौधे को पर्याप्त धूप, सही मात्रा में पानी, अच्छी जल निकासी और जरूरी पोषण नहीं मिलने पर भी फल आने में परेशानी हो सकती है। अगर आपके गमले में लगा नींबू का पौधा भी बढ़ रहा है लेकिन फल नहीं दे रहा है, तो उसकी देखभाल के इन तरीकों पर ध्यान दें।
नींबू के पौधे में पत्तियां और शाखाएं अच्छी तरह बढ़ रही हों, लेकिन फूल और फल कम आ रहे हों तो पौधे की पोषण जरूरत पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है और जरूरत के अनुसार नीम की खली भी मिट्टी में मिलाई जा सकती है। इसके अलावा केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में कुछ दिनों तक भिगोकर रखने के बाद इसे पौधे के तने से थोड़ी दूरी पर मिट्टी में मिलाएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें।
खाद डालने से पहले पौधे के आसपास की ऊपरी मिट्टी को गुड़ाई कर हल्का सा ढीला किया जा सकता है। इसके बाद कंपोस्ट और नीम की खली को मिट्टी की ऊपरी परत में मिला दें। गमले में बहुत गहराई तक मिट्टी न खोदें, क्योंकि इससे नींबू की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। खाद डालने के बाद ऊपर से मिट्टी की हल्की परत डाल दें। इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी दें।
अगर आपने छत या बालकनी में गमले में नींबू का पौधा लगा रखा है तो जल निकासी पर खास ध्यान दें। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होने चाहिए। नींबू के पौधे की जड़ों में लगातार पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है और पौधे की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।
नींबू का पौधा ऐसी जगह रखें जहां उसे अच्छी मात्रा में सीधी धूप मिले। गमले में उगाए जाने वाले नींबू के लिए रोजाना कम से कम करीब 6 घंटे सीधी धूप जरूरी मानी जाती है। अगर पौधा बालकनी में ऐसी जगह रखा है जहां ज्यादातर समय छाया रहती है तो उसे ज्यादा रोशनी वाली जगह पर रखें। बहुत कम रोशनी मिलने पर पौधे की बढ़वार कमजोर हो सकती है और फूल व फल आने पर भी असर पड़ सकता है।
नींबू के पौधे को पानी देने से पहले ऊपर की मिट्टी के साथ नीचे की नमी भी जांच लें। अगर मिट्टी पहले से गीली है तो तुरंत पानी न दें। जब मिट्टी की ऊपरी परत कुछ सूखी लगे और पौधे को पानी की जरूरत हो, तब अच्छी तरह पानी दें ताकि अतिरिक्त पानी गमले के नीचे से निकल जाए।
अगर आप नया नींबू का पौधा लगाने जा रहे हैं तो नर्सरी से पौधा खरीदते समय उसकी किस्म और पौधे को तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी जरूर लें। गमले में लगाने के लिए ऐसी किस्म चुनना बेहतर रहता है जो कंटेनर में अच्छी तरह विकसित हो सके। इसके अलावा नर्सरी वाले से यह भी पूछें कि पौधा बीज से तैयार किया गया है या कलम, ग्राफ्टिंग या एयर लेयरिंग जैसी विधि से।
नींबू का पौधा छोटा होने पर छोटे गमले में लगाया जा सकता है, लेकिन पौधे के बढ़ने के साथ उसकी जड़ों के लिए पर्याप्त जगह जरूरी होती है। बहुत छोटा गमला होने पर जड़ों के विकास के लिए जगह कम पड़ सकती है और पौधे की देखभाल भी मुश्किल हो सकती है। इसलिए पौधा के हिसाब से गमले का चुनाव करें।
Updated on:
19 Sept 2026 10:24 am
Published on:
19 Sept 2026 10:16 am
