
Hair Dye Se Baal Safed Hote Hain: फेमस यूट्यूबर सौरव जोशी के एक ब्लॉग में उनकी मम्मी उन्हें बालों में कलर करवाने से मना करती नजर आ रही हैं। उनका कहना है कि पहले उनके कुछ ही बाल सफेद थे, लेकिन बालों में कलर करवाने के बाद सफेद बाल ज्यादा दिखाई देने लगे। इसी वजह से वह सौरव को भी बालों में कलर करवाने से मना कर रही हैं। ऐसे में आइए जानते हैं बाल अलग अलग रंग के क्यों दिखाई देते हैं, सफेद होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और क्या बालों को कलर कराने से बाल सफेद होते हैं?
बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने के साथ होने वाला एक सामान्य बदलाव है। बालों का रंग मेलानिन नामक रंगद्रव्य से मिलता है। उम्र बढ़ने पर बालों की जड़ों में मौजूद रंग बनाने वाली कोशिकाएं कम मेलानिन बनाने लगती हैं। इसके कारण बाल धीरे धीरे भूरे या सफेद दिखाई देने लगते हैं। बाल कब और कितनी तेजी से सफेद होंगे, इसमें आनुवंशिक कारणों की अहम भूमिका हो सकती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, आईआरएफ4 नामक जीन बालों के रंग को प्रभावित करने वाले मेलानिन के बनने और उसके भंडारण से जुड़ा है। इसके साथ ही इस जीन को बालों के सफेद होने से भी जोड़ा गया है। हालांकि, बाल सफेद होने में सिर्फ जीन की ही भूमिका नहीं होती। उम्र, तनाव और पर्यावरण से जुड़े कारण भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, कुछ विटामिन और खनिजों की कमी, धूम्रपान, कुछ दवाएं और कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी बालों के समय से पहले सफेद होने से जुड़ी हो सकती हैं।
उम्र बढ़ने के कारण सफेद हुए बालों को दोबारा काला करना आमतौर पर संभव नहीं होता। हालांकि, अगर बालों के समय से पहले सफेद होने के पीछे किसी पोषक तत्व की कमी या दूसरी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका है, तो उस कारण का इलाज करने से बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद मिल सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, पहले से सफेद हो चुके बालों को छिपाने के लिए बालों में रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, बालों में लगाए जाने वाले कुछ रंगों में ऐसे रसायन हो सकते हैं, जो सिर की त्वचा में जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ रंगों में पाया जाने वाला पीपीडी नामक रसायन कई लोगों में एलर्जी का कारण बन सकता है। इसलिए बालों में रंग लगाने से पहले त्वचा पर थोड़ी मात्रा लगाकर जांच करना बेहतर होता है। रंग लगाते समय हाथों में दस्ताने पहनें और पैकेट पर दिए निर्देशों के अनुसार ही इसका इस्तेमाल करें। रंग को बताए गए समय से ज्यादा देर तक बालों में न लगाकर रखें और इस्तेमाल के बाद सिर की त्वचा को अच्छी तरह पानी से धो लें।
अगर बालों में रंग लगाने के बाद सिर की त्वचा पर लालपन, खुजली, जलन, परत उतरना या छाले जैसी समस्या दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर या त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) के अनुसार, बालों में रंग लगाने से बाल सफेद नहीं होते। बालों में लगाया जाने वाला रंग बालों को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर ज्यादा इस्तेमाल करने पर, लेकिन इससे बालों की जड़ों में मेलानिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती। इसके अलावा, बालों से जुड़ी एक और धारणा है कि एक सफेद बाल तोड़ने से उसकी जगह ज्यादा सफेद बाल उगते हैं। यह सही नहीं है। बार बार बाल तोड़ने से बालों की जड़ को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए सफेद बालों को तोड़ने से बचना बेहतर है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।