
Protein: हेल्दी और फिट रहने के साथ ही आज के समय में लोग वजन कम करने, मसल्स बनाने और फिटनेस के लिए हाई प्रोटीन डाइट लेना पसंद करते हैं। प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर शरीर में कुछ ऐसे बदलाव हो सकते हैं, जिनकी वजह से आपको पहले की तुलना में ज्यादा प्यास महसूस हो सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, शरीर जब प्रोटीन को तोड़ता है तो इससे अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं, जिन्हें शरीर से बाहर निकालने के लिए किडनी को ज्यादा काम करना पड़ सकता है। इस वजह से शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देता है और पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो शरीर में पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्यास ज्यादा लग सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, शरीर में प्रोटीन के टूटने के दौरान यूरिया नाइट्रोजन नामक अपशिष्ट पदार्थ बनता है। यूरिया लीवर में बनता है और फिर खून के जरिए किडनी तक पहुंचता है। किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकालती है।शरीर में पानी की कमी और ज्यादा प्रोटीन वाला भोजन, दोनों ही कुछ स्थितियों में ब्लड यूरिया नाइट्रोजन यानी बीयूएन (BUN) का स्तर बढ़ा सकते हैं।
अमेरिकन किडनी फंड (American Kidney Fund) के अनुसार, प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन किडनी के काम को बढ़ा सकता है। खासकर पहले से किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए प्रोटीन की मात्रा को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से लेना चाहिए।
ज्यादा प्यास लगना हमेशा ज्यादा प्रोटीन खाने की वजह से ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। प्यास लगने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। हाई प्रोटीन डाइट और ज्यादा प्यास के बीच संबंध व्यक्ति की पूरी डाइट, पानी की मात्रा और स्वास्थ्य स्थिति जैसी चीजों पर निर्भर कर सकता है।इसलिए अगर असामान्य रूप से ज्यादा प्यास लग रही है, तो इसे केवल हाई प्रोटीन डाइट का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत समेत शरीर के कई जरूरी कार्यों में भूमिका निभाता है। समस्या तब हो सकती है जब व्यक्ति अपनी जरूरत से काफी ज्यादा प्रोटीन लेने लगे। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट लेते समय केवल प्रोटीन की मात्रा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त पानी पीना और डाइट में प्रोटीन के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करना भी महत्वपूर्ण है।
अगर लगातार बहुत ज्यादा प्यास लग रही है या डिहाइड्रेशन के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इसे केवल हाई प्रोटीन डाइट का असर मानकर नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।