
Cumin Adulteration Test: जीरा भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला एक जरूरी मसाला है। सब्जी से लेकर दाल और कई तरह की डिश में इसका इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ किया जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले जीरे में मिलावट की आशंका हो सकती है। ऐसे में जीरा खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखकर संदिग्ध या खराब गुणवत्ता वाला जीरा खरीदने से बच सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के अनुसार जीरे में मिलावट की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं जीरे में मिलावट की पहचान कैसे करें।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, जीरे में चारकोल से रंगे घास के बीजों की मिलावट की जा सकती है। इसके अलावा जीरे में कच्ची सौंफ के दाने भी मिलाए जा सकते हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार चारकोल से रंगे घास के बीजों की पहचान के लिए जीरे को हथेली पर रगड़कर देखा जा सकता है। अगर रगड़ने पर हथेली पर काला रंग या काले निशान दिखाई दें तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, जीरा खरीदते समय उसके बीजों का रंग, आकार और बनावट ध्यान से देखें। अगर जीरे में कई बीज असामान्य रंग या आकार के दिखाई दें या उसमें दूसरी बाहरी चीजें नजर आएं तो ऐसे जीरे को खरीदने से बचना बेहतर है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, साबुत जीरे में किसी तरह का अतिरिक्त रंग या दूसरी अनचाही चीजें नहीं होनी चाहिए। इसमें दूसरे खाद्य बीजों की मिलावट भी नहीं होनी चाहिए। जीरा खरीदते समय उसकी नमी, बाहरी चीजें, टूटे या खराब दाने और कीड़ों से खराब हुए बीजों पर भी ध्यान देना चाहिए।
FSSAI के बताए गए टिप्स के अलावा जीरे में मिलावट की जांच के लिए आप ये आसान तरीके भी अपना सकते हैं-