How To Get Rid Of Flies: मानसून सुहाना मौसम सिर्फ लेकर नहीं आता, बल्कि मच्छर और मक्खियां भी साथ लाता है। ऐसे में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। तो इस समस्या का हल निकालने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
How To Get Rid Of Flies At Home: बारिश की फुहारें जहां मौसम को सुहावना बना देती हैं, वहीं यह मौसम मक्खियों जैसी बीमारियां फैलाने वाली कीड़ों के लिए भी मुफीद होता है। खुले दरवाजों और खिड़कियों से ये बिना न्योते के घर में घुस आती हैं और खाने-पीने की चीजों पर बैठकर उसे दूषित बना देती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, इनकी भिनभिनाहट भी मानसिक रूप से परेशान कर देती है। खासकर जिन घरों में छोटे बच्चे हैं, वहां इनसे निपटना और भी जरूरी हो जाता है। ऐसे में अगर आप कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो कुछ घरेलू नुस्खे आपकी मदद कर सकते हैं।
एक गिलास दूध में एक चम्मच काली मिर्च और तीन चम्मच चीनी मिलाएं। इसे एक खुले बर्तन में डालकर उन जगहों पर रखें जहां मक्खियां ज्यादा आती हैं। यह मिश्रण मक्खियों को आकर्षित करता है और फिर उन्हें सतह से चिपका देता है, जिससे वे मर जाती हैं।
सेब का सिरका मक्खियों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। एक गिलास में एपल साइडर विनेगर भरें और उसमें कुछ बूंदें डिश सोप की डालें। फिर प्लास्टिक रैप से गिलास को कवर करें और टूथपिक से कुछ छेद करें। मक्खियां इस गंध से आकर्षित होकर गिलास के अंदर जाएंगी और बाहर नहीं निकल पाएंगी। ये आसान ट्रिक मक्खियों की संख्या को काफी हद तक कम कर सकती है।
पुदीना और तुलसी की खुशबू मक्खियों को बिल्कुल पसंद नहीं आती। आप इन दोनों का पेस्ट बनाकर पानी में मिलाएं और स्प्रे बॉटल में भर लें। इस मिश्रण को घर के कोनों, खिड़कियों और किचन एरिया में छिड़कें। यह उपाय प्राकृतिक तरीके से मक्खियों को दूर भगाने में मदद करता है।
अगर आप नेचर-फ्रेंडली उपाय अपनाना चाहते हैं तो वीनस फ्लाईट्रैप पौधा लगाना एक शानदार विकल्प है। यह पौधा कीड़े-मकोड़ों को खुद से आकर्षित करता है और फिर पकड़ लेता है। इसे आप खिड़की या दरवाजे के पास रख सकते हैं, जिससे घर में घुसने वाली मक्खियां बाहर ही फंस जाएंगी।
नमक ना सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि मक्खियों को भगाने का भी काम करता है। एक गिलास पानी में दो चम्मच नमक मिलाएं और इसे स्प्रे बॉटल में भर लें। अब इस पानी को मक्खियों के आसपास स्प्रे करें। यह तरीका नॉन-टॉक्सिक होने के साथ-साथ बेहद असरदार भी है।