
Asli Kesar Ki Pehchan: फेस्टिव सीजन में मिठाई से लेकर खीर और हलवे जैसी कई डिशेज में केसर का इस्तेमाल स्वाद और रंग अच्छा करने के लिए किया जाता है। बाजार में मिलने वाले मसालों में केसर सबसे महंगे मसालों में शामिल है। इसकी मांग और कीमत ज्यादा होने के कारण बाजार में नकली या मिलावटी केसर भी मिल सकता है।
असली केसर क्रोकस सैटिवस (Crocus sativus) फूल के बीच से निकलने वाले लाल रंग के धागों (stigma) से बनता है। वहीं नकली केसर रंगे हुए रेशों, मक्का के रेशों जैसी चीजों से बनाया जा सकता है। इसलिए केसर खरीदते समय केवल उसका गहरा लाल रंग देखकर नहीं, बल्कि कुछ आसान तरीकों से उसकी जांच करके खरीदना चाहिए। आइए जानते हैं असली और नकली केसर की पहचान कैसे कर सकते हैं।
असली केसर के रेशे प्राकृतिक रूप से लाल या गहरे लाल रंग के होते हैं। यदि सभी रेशे एक जैसे चमकीले लाल दिखाई दें, बहुत ज्यादा एकसमान हों या उनमें कोई असामान्य रंग नजर आए तो इनमें मिलावट होने की संभावना हो सकती है।
एक गिलास सामान्य तापमान के पानी में कुछ केसर के रेशे डालें और कुछ समय तक देखें। असली केसर से रंग धीरे धीरे निकलकर पानी को सुनहरा पीला कर सकता है और रेशे अपनी लाल रंगत बनाए रखते हैं।वहीं, कृत्रिम रंग से रंगे रेशे बहुत तेजी से रंग छोड़ सकते हैं और पानी का रंग असामान्य रूप से लाल या नारंगी हो सकता है।
एक केसर के रेशे को अंगूठे और उंगली के बीच हल्के से रगड़कर देखें। रगड़ने पर असली केसर हल्का सुनहरा दाग छोड़ सकता है और रेशा पूरी तरह बिखरता नहीं है। यदि रगड़ने पर बहुत तेज लाल या नारंगी रंग हाथ पर दिखाई दे और रेशा आसानी से रेशेदार टुकड़ों में टूट जाए तो मिलावट हो सकती है।
असली केसर की खुशबू अलग और प्राकृतिक होती है। इसमें हल्की मीठी और सूखी घास जैसी खुशबू महसूस हो सकती है। बहुत तेज कृत्रिम खुशबू, परफ्यूम जैसी गंध, केमिकल जैसी महक या बिल्कुल गंध न होने वाले में मिलावट हो सकता है।
केसर का स्वाद हल्का कड़वा और तीखा हो सकता है। इसमें किसी तरह की अजीब या कृत्रिम गंध और स्वाद नहीं होना चाहिए।
केसर के रेशे सूखे होने चाहिए। अगर रेशे बहुत ज्यादा नरम, नम, चिपचिपे या आपस में चिपके हुए दिखाई दें तो खरीदने से पहले सावधानी बरतें। नमी के कारण केसर की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है या यह मिलावटी हो सकता है।
पाउडर केसर में मिलावट को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि उसमें दूसरे पदार्थ आसानी से मिलाए जा सकते हैं। इसलिए संभव हो तो रेशे वाला केसर खरीदें।
केसर खरीदते समय केवल रेशों को ही नहीं देखें। पैकेट की सील, प्रोडक्ट की जानकारी, मात्रा, बैच से जुड़ी जानकारी और दूसरे जरूरी लेबल डिटेल्स भी जांचें। खराब या खुली पैकिंग वाला केसर खरीदने से बचें।