PERMA Model: खुश रहना सिर्फ किस्मत नहीं, एक स्किल है। 'ऑथेंटिक हैप्पीनेस' के लेखक मार्टिन सेलिगमैन से सीखें कैसे PERMA मॉडल आपके स्ट्रेस को कम करके जीवन में परमानेंट सुकून ला सकता है।
PERMA Model: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें लगता है कि खुशी सिर्फ एक अच्छी नौकरी या बैंक बैलेंस से आती है? अगर हां, तो आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है। पॉजिटिव साइकोलॉजी के गॉडफादर मार्टिन ई.पी. सेलिगमैन अपनी किताब 'ऑथेंटिक हैप्पीनेस' में एक चौंकाने वाली बात कहते हैं, हमारी खुशी का 40% पार्ट हमारे कंट्रोल में होता है। यानी हम अपनी आदतों से खुद को हैप्पी मोड में ला सकते हैं। इसे समझने के लिए उन्होंने दिया है- PERMA मॉडल। आइए जानते हैं ये 5 अक्षर आपकी लाइफ कैसे बदल सकते हैं-
सिर्फ ऊपर से खुश दिखना काफी नहीं है। आभार (Gratitude), पीस और आशा (hope) जैसी फीलिंग्स को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं।
क्या आपने कभी नोटिस किया है कि पेंटिंग, कुकिंग या कोडिंग करते समय आप वक्त भूल जाते हैं? इसे Flow कहते हैं। अपनी पसंद के काम में डूब जाना मेंटल स्ट्रेस को कम कर देता है।
फेसबुक पर 5000 दोस्त होने से खुशी नहीं मिलती। खुशी मिलती है उन चुनिंदा लोगों से जो मुश्किल वक्त में आपके साथ खड़े हों। मजबूत रिलेशन इंसान को लंबी उम्र और मेंटल पीस देते हैं।
अगर आप सिर्फ खुद के लिए जी रहे हैं, तो खुशी ज्यादा टिकेगी नहीं। किसी बड़े उद्देश्य से जुड़ें चाहे वो समाज सेवा हो, पर्यावरण की रक्षा या परिवार की देखभाल। जब लाइफ में Meaning होता है, तो डिप्रेशन पास नहीं आता।
बिना गोल्स के जिंदगी बोरिंग हो जाती है। छोटे-छोटे गोल्स सेट करें। जब आप अपना टास्क पूरा करते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है, जो आपको फील गुड वाला फैक्टर देता है।