केमिकल से पके आम की पहचान: आज के इस लेख में आइए दवाइयों से पके आमों को पहचानने के तरीके और उनसे होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
How To Identify Chemically Ripened Mangoes: गर्मियों के आते ही बाजार में कच्चे से लेकर पक्के तक, हर तरह की अलग-अलग किस्म के आम बिकने लगते हैं। लोग इन्हें खरीदना और खाना काफी पसंद करते हैं। बाजार में आम की बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए व्यापारी इन्हें दवाइयों से पकाने लगते हैं।
दवाइयों से पके आम देखने में सुंदर होते हैं और बाजार में मांग अधिक होने की वजह से काफी अच्छे दामों पर बिकते हैं। ऐसे में अगर आप दवाओं से पके आमों का सेवन करते हैं, तो आपको हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। आइए, इस लेख में दवाइयों से पके आमों को पहचानने के तरीके और उनसे होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम के बारे में जानते हैं।
आजकल ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आमों को पकाने के लिए खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये केमिकल स्वाद के साथ-साथ आपकी सेहत को भी बिगाड़ सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर professordrbrajpaltyagi नाम के चैनल पर Harsh ENT Hospital के डॉक्टर Professor Dr. B.P.S. Tyagi ने एक वीडियो शेयर कर बताया है कि केमिकल से पकाए गए आमों को पहचानना वैसे तो थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन कुछ आसान तरीकों से आप असली और नकली का फर्क समझ सकते हैं।
इसकी सबसे बड़ी पहचान आम की ऊपरी परत या उसके पोर्स यानी छोटे छेद होते हैं। अगर आपको आम की स्किन पर कहीं से भी काला चिपचिपा पदार्थ निकलता हुआ दिखे, तो सावधान हो जाइए। आमतौर पर, जब आम को एथिलीन ऑक्साइड या दूसरे रसायनों से पकाया जाता है, तो उसके छेदों से यह काला लिक्विड बाहर आने लगता है।
एक और जरूरी बात यह है कि अगर आप आम को पानी से अच्छे से धोते हैं और उसके बाद भी वे काले धब्बे (Black Spots) साफ नहीं होते, तो 101% मान लीजिए कि उसे नेचुरल तरीके से नहीं बल्कि केमिकल के जरिए पकाया गया है। प्राकृतिक रूप से पके आम पर अगर दाग होते भी हैं, तो वे आम के छिलके का हिस्सा लगते हैं, न कि किसी बाहरी केमिकल का जमाव। ऐसे आमों को खरीदने से बचना ही समझदारी है।
आम को पकाने में इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल सिर्फ फल को जल्दी नहीं तैयार करते, बल्कि हमारे शरीर में जहर घोलने का काम करते हैं। कैल्शियम कार्बाइड जैसे तत्व जब शरीर के संपर्क में आते हैं, तो वे एसिटिलीन गैस छोड़ते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
इसके प्रभाव से शरीर में कार्सिनोजेनिक (Carcinogenic) तत्व बन सकते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, ये रसायन हमारे हार्मोनल बैलेंस को भी बिगाड़ देते हैं। अगर आप ऐसे आम ज्यादा मात्रा में खाते हैं, तो यह सीधे तौर पर आपके फेफड़ों और सांस लेने की प्रक्रिया (Respiratory Health) को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए स्वाद के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।