
Puran Poli Recipe: महाराष्ट्र समेत देशभर में कई जगहों पर धूमधाम से गणेश उत्सव मनाया जाता है। वैसे तो मोदक भगवान गणेश को चढ़ाए जाने वाले प्रमुख भोग में शामिल है, लेकिन इसके अलावा गणेश उत्सव के दौरान बप्पा के स्वागत में कई घरों में पूरन पोली भी बनाई जाती है। गुड़ और चने की दाल से बनी पूरन पोली स्वादिष्ट होने के साथ पारंपरिक व्यंजन के तौर पर शुभ अवसरों पर बनाई जाती है। ऐसे में अगर आप भी इस गणेश उत्सव पर घर पर पूरन पोली बनाकर बप्पा को भोग लगाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए आसान तरीके से इसे बना सकते हैं। आइए जानते हैं पूरन पोली बनाने की विधि।
पूरन पोली बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को अच्छी तरह धोकर 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद दाल का पानी निकालकर इसे कुकर में डालें। जरूरत के अनुसार पानी डालकर दाल को नरम होने तक पका लें। ध्यान रखें कि दाल बहुत ज्यादा पानी वाली न हो।
पकी हुई दाल को अच्छी तरह छान लें और फिर इसे मैश कर लें। अब एक कड़ाही में दाल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। मिश्रण को लगातार चलाते रहें, जब तक कि गुड़ पूरी तरह पिघलकर दाल में अच्छी तरह मिल न जाए और मिश्रण गाढ़ा न हो जाए। इसके बाद इसमें इलायची पाउडर, जायफल पाउडर और हल्दी डालकर अच्छी तरह मिला दें। मिश्रण के गाढ़ा होने पर गैस बंद कर दें और पूरन को ठंडा होने के लिए रख दें।
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, मैदा और नमक डालें। इसमें थोड़ा थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें। अब इसमें तेल डालकर आटे को कुछ देर अच्छी तरह मसलें। आटा नरम और चिकना होना चाहिए। इसे ढककर करीब 20 से 30 मिनट के लिए रख दें।
अब आटे की बराबर आकार की लोइयां बना लें। एक लोई को हाथ से थोड़ा फैलाएं और उसके बीच में तैयार पूरन रखें। इसके किनारों को उठाकर पूरन को अच्छी तरह अंदर बंद कर दें।
पूरन भरी लोई को हल्के हाथों से दबाएं। अब सूखे आटे की मदद से इसे धीरे धीरे गोल आकार में बेल लें। इसे बहुत ज्यादा पतला न बेलें, वरना पूरन बाहर निकल सकता है।
तवा गर्म करें और उस पर बेली हुई पूरन पोली डाल दें। एक तरफ हल्की सिकने के बाद इसे पलट दें। अब दोनों तरफ थोड़ा घी लगाकर पूरन पोली को सुनहरा होने तक सेंकें। इसी तरह सारी पूरन पोली तैयार कर लें।
तैयार पूरन पोली को भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के लोगों को दें।