12 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्या ज्यादा सेंकी और भुनी चीजों से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? जानिए क्या कहती है रिसर्च

Burnt Food Cancer Risk: ज्यादा सेंकी या भुनी हुई चीजें खाने से क्या कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? FDA, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और कैंसर रिसर्च यूके से जानिए क्या कहती है रिसर्च।
2 min read
Google source verification
Burnt Toast Cancer, Acrylamide In Food

Acrylamide Health Risk (representative image) image credit Magnific

Acrylamide Health Risk: कुछ लोगों को नाश्ते में ब्रेड टोस्ट करके खाना या रोटी या बैंगन जैसी चीजों को भूनकर या सेंककर खाना ज्यादा अच्छा लगता है। लेकिन कई बार इन्हें ज्यादा सेंकने या भूनने से इनका रंग काला या जला हुआ हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ज्यादा जली हुई चीजों को खाना चाहिए या नहीं और क्या इन्हें खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं।

किन चीजों में मिल सकता है एक्रिलामाइड

ज्यादा तापमान पर कुछ खाद्य पदार्थों को सेंकने, भूनने या तलने के दौरान एक रसायन बन सकता है, जिसे एक्रिलामाइड (Acrylamide) कहा जाता है। यह खासतौर पर उन खाद्य पदार्थों में बन सकता है जिनमें कार्बोहाइड्रेट और एस्पैराजिन नाम का अमीनो एसिड मौजूद होता है। खाना ज्यादा तापमान पर पकाने के दौरान प्राकृतिक शुगर और एस्पैराजिन के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया से एक्रिलामाइड बन सकता है।

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) के अनुसार, एक्रिलामाइड मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले कुछ खाद्य पदार्थों को ज्यादा तापमान पर पकाने के दौरान बन सकता है। इनमें आलू से बने फ्रेंच फ्राइज और चिप्स, ब्रेड और टोस्ट जैसी चीजें शामिल हैं। कच्चे या उबाले और भाप में पकाए गए खाद्य पदार्थों में आमतौर पर एक्रिलामाइड नहीं बनता या इसकी मात्रा बहुत कम होती है। खाने को जितनी देर और जितने ज्यादा तापमान पर पकाया जाता है, कुछ परिस्थितियों में एक्रिलामाइड की मात्रा उतनी बढ़ सकती है।

क्या जली हुई चीजों से कैंसर का खतरा बढ़ता है

एक्रिलामाइड को लेकर जानवरों पर किए गए कुछ अध्ययनों में इसकी बहुत ज्यादा मात्रा के संपर्क में आने पर कैंसर का खतरा देखा गया है। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (National Cancer Institute) के अनुसार, इंसानों पर किए गए कई अध्ययनों में खाने से मिलने वाले एक्रिलामाइड और कैंसर के बीच लगातार कोई स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया है। वहीं कैंसर रिसर्च यूके (Cancer Research UK) के अनुसार, ब्रेड या टोस्ट जैसी स्टार्च वाली चीजों को ज्यादा भूरा या जला हुआ सेकने पर उनमें एक्रिलामाइड की मात्रा बढ़ सकती है।

एक्रिलामाइड कम करने के लिए क्या करें

खाना बनाते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर एक्रिलामाइड का सेवन कम किया जा सकता है। ब्रेड को बहुत ज्यादा काला होने तक टोस्ट न करें। इसे हल्का सुनहरा या हल्का भूरा होने तक सेंकना बेहतर है। आलू को फ्राई या रोस्ट करने से पहले कुछ समय पानी में भिगोने से भी एक्रिलामाइड बनने की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) के अनुसार, आलू को फ्रिज में रखने से पकाते समय एक्रिलामाइड ज्यादा बन सकता है। इसलिए आलू को फ्रिज के बजाय ठंडी और अंधेरी जगह पर रखना बेहतर है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है।