
Shaving से बाल ज्यादा घने होते हैं? (representative image) image credit Gemini
Baby Hair Growth: बच्चे के जन्म के बाद उसके बालों को लेकर कई तरह की मान्यताएं सुनने को मिलती हैं। कुछ लोगों का मानना है कि बच्चे के सिर के बाल हटाने या मुंडन कराने के बाद बाल पहले से ज्यादा घने और मजबूत आते हैं। इसके साथ ही कई लोग यह भी मानते हैं कि कम उम्र में बच्चे का मुंडन कराने या बार बार शेविंग करने से बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। लेकिन क्या वाकई मुंडन या शेविंग से बालों की ग्रोथ बेहतर होती है? आइए जानते हैं।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार बालों को शेव करने से उनकी मोटाई, रंग या बढ़ने की रफ्तार में कोई बदलाव नहीं होता। शेविंग के बाद बालों का सिरा सीधा हो जाता है। ऐसे में जब ये बाल दोबारा बढ़ते हैं तो शुरुआत में उनका सिरा थोड़ा मोटा या खुरदरा महसूस हो सकता है। साथ ही बाल कुछ समय के लिए ज्यादा घने दिखाई दे सकते हैं। इसी वजह से लग सकता है कि शेविंग के बाद बाल ज्यादा घने हो गए हैं, लेकिन असल में बालों की मोटाई या ग्रोथ रेट नहीं बदलती।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों में शुरुआती महीनों के दौरान बाल झड़ना काफी आम है। कई बच्चों के सिर के कुछ या लगभग सभी शुरुआती बाल गिर सकते हैं और बाद में नए बाल आ जाते हैं। कुछ बच्चों के सिर के पीछे के बाल बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा झड़ सकते हैं। इसके साथ ही नए बालों का रंग और बनावट जन्म के समय मौजूद बालों से अलग भी हो सकता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार बड़े बच्चों और किशोरों में बाल झड़ने के पीछे टाइट हेयरस्टाइल, बालों को बार बार खींचने या घुमाने की आदत और सिर में फंगल इंफेक्शन जैसे कई कारण हो सकते हैं। फंगल इंफेक्शन होने पर सिर की त्वचा पर जलन, पपड़ी या दूसरे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा कुछ बच्चों में सिर पर गोल या अंडाकार जगह पर बाल पूरी तरह गायब हो सकते हैं। इसे एलोपेसिया एरियाटा कहा जाता है।
नवजात बच्चे के शुरुआती महीनों में बाल झड़ना आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर बच्चे के बाल लगातार झड़ते रहें, सिर पर गोल या अंडाकार खाली जगह बन जाए, बाल वापस न आएं या सिर की त्वचा पर लालपन, सूजन, पपड़ी या इंफेक्शन जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
14 Sept 2026 11:17 am
Published on:
14 Sept 2026 11:05 am
