
Apple Cider Vinegar For Mole: स्किन पर दिखने वाले छोटे काले, भूरे, गुलाबी या त्वचा के रंग के निशान को तिल कहा जाता है। ये त्वचा पर एक या कई जगहों पर भी हो सकते हैं। ज्यादातर तिल सामान्य होते हैं और किसी परेशानी का कारण नहीं बनते। सोशल मीडिया पर तिल हटाने के लिए एप्पल साइडर विनेगर जैसे कई घरेलू नुस्खों के वीडियो वायरल होते रहते हैं। इन्हें देखकर कुछ लोग खुद ही तिल हटाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि तिल में बदलाव कब चिंता की वजह हो सकता है और इसे खुद से हटाने की कोशिश करनी चाहिए या नहीं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति के शरीर पर करीब 10 से 40 तिल होना सामान्य हो सकता है। कुछ तिल समय के साथ थोड़े उभरे हुए और हल्के रंग के हो सकते हैं। कुछ तिलों में कोई बदलाव नहीं होता और कुछ समय के साथ अपने आप भी गायब हो सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर किसी तिल में दर्द, खुजली या खून आता है, तिल से कुछ निकलता है, उस पर पपड़ी बनती है या छूने पर दर्द होता है, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, 30 साल की उम्र के बाद शरीर पर कोई नया तिल दिखाई दे तो उसकी भी जांच करवानी चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार तिल की जांच करते समय एबीसीडीई संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार अगर तिल के रंग, आकार, किनारे या रूप में बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर एप्पल साइडर विनेगर से त्वचा पर मौजूद तिल को खुद से हटाने के लिए घरेलू उपाय बताए जाते हैं। लेकिन तिल को खुद से हटाने के लिए ऐसे घरेलू उपाय नहीं आजमाने चाहिए।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, एप्पल साइडर विनेगर में मौजूद एसिटिक एसिड तिल वाली त्वचा को रासायनिक रूप से जला सकता है। इससे निशान और त्वचा के रंग में बदलाव जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए त्वचा पर किसी भी घरेलू नुस्खे से तिल हटाने की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर से इसकी जांच करवाना बेहतर है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार घर पर खुद तिल हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से संक्रमण और त्वचा पर निशान पड़ने का खतरा हो सकता है। अगर तिल में त्वचा का कैंसर मौजूद हो और उसे घर पर हटाने की कोशिश की जाए तो कैंसर की पहचान में देरी हो सकती है। इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के तिल हटाने वाले ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए जो तिल को जलाने, जमाने या दूसरी तरह से हटाने का दावा करते हैं।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार ज्यादातर तिलों को इलाज की जरूरत नहीं होती। अगर किसी तिल में बदलाव दिखाई देता है या डॉक्टर को उसमें त्वचा के कैंसर की आशंका होती है तो डॉक्टर उसे हटाकर प्रयोगशाला में माइक्रोस्कोप से जांच के लिए भेज सकते हैं। इसे बायोप्सी कहा जाता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।