
Nail Symptoms से क्या पता चलता है?(representative image) image credit Magnific
Nail Symptoms: हाथों की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही नाखूनों का रंग, आकार या उनकी सतह में बदलाव शरीर में चल रही किसी परेशानी का इशारा भी कर सकता है। नाखूनों के रंग, बनावट या आकार में अचानक बदलाव फंगल इंफेक्शन, विटामिन और पोषक तत्वों की कमी, सोरायसिस, गठिया या कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं नाखून में कौन से निशान दिखने किस चीज का संकेत हो सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर नाखून पीले हो रहे हैं तो इसकी एक वजह फंगल इंफेक्शन हो सकती है। खासकर पैरों के नाखूनों में फंगस होने पर वे पीले और मोटे हो सकते हैं। नाखूनों पर सफेद धब्बे या धारियां भी दिखाई दे सकती हैं। कुछ दवाओं और सोरायसिस की वजह से भी नाखूनों का रंग बदल सकता है।
नाखून पर चोट लगने के बाद सफेद धब्बे जैसे निशान दिख सकते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में फंगल इंफेक्शन, सोरायसिस या किडनी से जुड़ी परेशानी की वजह से भी नाखूनों पर सफेद निशान दिखाई दे सकते हैं।
अगर नाखूनों की सतह एकदम चिकनी न होकर उसमें छोटे छोटे गड्ढे नजर आ रहे हैं, तो यह सोरायसिस से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में नाखून मोटे होने या कमजोर होकर टूटने जैसी दिक्कत भी हो सकती है। कुछ मामलों में नाखून अपनी जगह से अलग भी होने लग सकता है।
अगर नाखून बहुत कमजोर हो गए हैं और थोड़े से दबाव में ही टूट जाते हैं, तो इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। नाखून में इंफेक्शन या शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी इसकी वजह बन सकती है। आयरन, जिंक या सेलेनियम की कमी होने पर नाखून कमजोर, पतले और आसानी से टूटने या फटने वाले हो सकते हैं। आयरन की कमी होने पर नाखून बीच से अंदर की तरफ दबे हुए भी नजर आ सकते हैं।
नाखून पर एक तरफ से दूसरी तरफ जाने वाली आड़ी लकीरें (Horizontal lines) बीमारी, ज्यादा तनाव या कीमोथेरेपी के दौरान इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं के असर के बाद से नाखूनों पर ऐसी लकीरें आ सकती हैं।
नाखून पर ऊपर से नीचे की तरफ हल्की लकीरें होना कई लोगों में सामान्य भी हो सकता है। लेकिन अगर इनमें अचानक बदलाव आए या इसके साथ दूसरे लक्षण भी नजर आएं, तो डॉक्टर से बात करना बेहतर है। यह इंफेक्शन या किडनी से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकते हैं।
चोट लगने या नाखून पर लगातार दबाव पड़ने से उसके नीचे खून जमा हो सकता है। इससे नाखून लाल, बैंगनी, भूरा या काला दिखाई दे सकता है। इसके अलावा ऐसे रंग में बदलाव एनीमिया, कुछ दवाओं, सोरायसिस, नाखून की चोट, तिल, विटामिन बी12 की कमी या नाखून के नीचे होने वाले मेलेनोमा जैसी स्थितियों से भी जुड़ा हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
05 Sept 2026 11:47 am
Published on:
05 Sept 2026 11:34 am
