
बच्चे को कब बैठाना चाहिए (representative image) image credit Magnific
Baby Development Milestones: बच्चे के विकास में बैठना एक महत्वपूर्ण शारीरिक माइलस्टोन होता है। हालांकि हर बच्चा अपनी गति से विकास करता है और सभी बच्चों में यह क्षमता एक ही उम्र में विकसित नहीं होती। लेकिन फिर भी कुछ माता पिता बच्चे के जल्द विकास के लिए या मार्केट में मिलने वाले प्रोडक्ट के इस्तेमाल से उम्र से पहले बच्चे को बैठाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि बच्चे को कब बैठना चाहिए और कब नहीं।
6 महीने से पहले बच्चे में बैठने की तैयारी के संकेत दिखाई देना सामान्य है, लेकिन ऐसे में बच्चे को जबरदस्ती बैठाने की कोशिश नहीं करना चाहिए। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार जब बच्चा बैठने के लिए तैयार हो, तो उसे बैठने की स्थिति में लाया जा सकता है और शुरुआत में गोद या तकिए से सहारा दिया जा सकता है। बच्चे को उसकी विकास गति के अनुसार आगे बढ़ने देना जरूरी है। वहीं यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार 6 महीने की उम्र में बच्चा बिना सहारे बैठने की क्षमता विकसित करना शुरू कर सकता है। इस समय वह दोनों दिशाओं में पलटने, पैरों को मजबूत सतह पर रखने पर नीचे की ओर जोर देने और आगे पीछे हिलने जैसी गतिविधियां भी कर सकता है।
बच्चे के शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उसे अलग अलग पोजीशन में खेलने का मौका दें। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार बच्चे को कुछ मिनट निगरानी में पेट के बल लिटाने से वह सिर उठाने और पलटने का अभ्यास कर सकता है। सामने रंगीन खिलौना या आवाज करने वाली चीज रखने से वह सिर उठाने और उसकी ओर हाथ बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकता है।
जब बच्चा बैठने की स्थिति के लिए तैयार हो, तो उसे सहारा दिया जा सकता है लेकिन जबरदस्ती बैठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
यूनिसेफ (UNICEF) के अनुसार 6 महीने की उम्र में बच्चा आसपास की चीजों को लेकर ज्यादा जिज्ञासु होने लगता है। वह खिलौनों को पकड़ने और हाथों को मुंह तक ले जाने की कोशिश करता है। इसके साथ ही इस उम्र में बच्चा परिचित चेहरों को पहचानने लगता है, अपने नाम पर प्रतिक्रिया देना और आवाजों के जवाब में आवाज निकालना भी शुरू कर सकता है।
हर बच्चे का विकास अलग होता है, लेकिन अगर 6 महीने का बच्चा दोनों दिशाओं में पलटने या आसपास की चीजों को पकड़ने की कोशिश नहीं करता, बहुत ढीला या बहुत अकड़ा हुआ लगता है या आवाजों पर प्रतिक्रिया नहीं देता, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
Updated on:
4 Sep 2026, 3:14 PM IST
Published on:
4 Sep 2026, 3:14 PM IST
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